प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने एक बार फिर यूटी सचिवालय में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति रिपोर्ट अधिकारियों से ली। एडवाइजर मनोज कुमार परिदा ने उन्हें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी जबकि निगम कमिश्नर केके यादव ने मनीमाजरा में रोजाना 24 घंटे वाटर सप्लाई सिस्टम के पायलट प्रोजेक्ट और इसको लेकर लगाए गए स्मार्ट वाटर मीटरिंग सिस्टम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 164 करोड़ की लागत से मनीमाजरा के एरिया में स्मार्ट वॉटर मीटरिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। वहीं, 2.5 किलोमीटर की मेन पाइप लाइन और 15 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन को भी बदला जा रहा है। सात नए ओवरहेड टैंक रेजरवॉयर बनाए जा रहे हैं। पंपिंग मशीनरी को भी अपग्रेड किया जा रहा है। सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजीशन (स्कॉडा) के तहत मनीमाजरा के लोगों को सातों दिन 24 घंटे पानी की सप्लाई दी जाएगी।
केके यादव ने बताया कि स्मार्ट वॉटर मीटरिंग की टेक्निकल बिड आगामी 11 फरवरी को खोली जाएगी। उन्होंने प्रशासक को बताया कि 550 करोड़ की लागत से पैन सिटी वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट को लेकर फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी एएफडी से जल्द लोन अप्रूवल होने का अनुमान है। इसको लेकर एक फ्रेंच डेलीगेशन इंडिया-फ्रांस ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप के 14वें सेशन के लिए 31 जनवरी को चंडीगढ़ पहुंच रहा है, जो सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट पर चर्चा करेगा और इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए रोड मैप तैयार करेगा।
दो साल में पूरा होगा एसटीपी प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ केके यादव ने बताया कि एसटीपी प्रोजेक्ट में री-साइकल्ड वॉटर की ट्रीटमेंट फैसिलिटी की अपग्रेडेशन की जा रही है। 808 करोड़ की लागत से पांच एसटीपी अपग्रेड किए जा रहे हैं। इसमें किशनगढ़ में 2 एमएलडी क्षमता का एक नया एसटीपी निर्माण भी शामिल है। एसटीपी में री-साइकिल किया गया पानी गार्डनिंग, रोड साइड्स पर पानी देने, ग्रीन बेल्ट, रोड और व्हीकल धोने और इंडस्ट्रियल पर्पज के लिए प्रयोग होगा। इसके टेंडर आगामी 11 फरवरी को खुलेंगे और प्रोजेक्ट अगले 2 साल के दौरान पूरा कर लिया जाएगा। इन एसटीपी की मेंटेनेंस का काम भी यही एजेंसी अगले 15 साल तक करेगी।
साइकिल शेयरिंग स्कीम का टेंडर पांच फरवरी को
केके यादव ने पब्लिक साइकिल शेयरिंग स्कीम के बारे में बताया कि यह योजना पूरे शहर में लागू की जाएगी। इसके लिए शहर भर में 617 डॉकिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनको चिह्नित कर लिया गया है। यहां पहले चरण में 5 हजार साइकिलें रखी जाएंगी। अगले 12 माह में प्रोजेक्ट पूरी तरह शुरू हो जाएगा। पीपीपी मोड पर एग्जीक्यूट होने वाले प्रोजेक्ट की लागत 20 करोड़ रुपये आएगी। डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, फाइनेंसिंग, कंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का काम 11 साल तक ऑपरेटर के हवाले ही रहेगा। पांच फरवरी को इसके टेंडर खोल दिए जाएंगे।
11 फरवरी को खोले जाएंगे टेंडर
इसी तरह जानवरों के कंकाल जलाने के लिए दो एलपीजी गैस इंसीनरेटर लगाए जा रहे हैं। एक छोटे जानवरों के लिए और दूसरा बड़े जानवरों के लिए। स्लॉटर हाउस के वेस्ट और मीट मार्केट सेक्टर 21 का वेस्ट जो लगभग 1500 किलो रोजना होता है को भी इन्हीं इलेक्ट्रिक भठ्ठियों में जलाया जाएगा। इससे यहां नालियों में आने वाली दुर्गंध को रोका जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट के टेंडर भी आगामी 11 फरवरी को खोले जाएंगे।