बैठक में पंचकूला के डीसी ने बताया कि वहां पर 83 एक्टिव केस हैं जबकि मोहाली के डीसी ने बताया कि उनके यहां 66 एक्टिव केस रह गए हैं। प्रशासक ने लोगों से मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखने की अपील की। नगर निगम के कमिश्नर केके यादव को आदेश दिए कि वह सुनिश्चित करें कि शहर के सभी क्वारंटीन सेंटरों में रहने वाले लोगों को जरूरी सुविधाएं समय पर मिलें।
अन्य राज्यों से कोई आए तो प्रशासन को दें जानकारी: बदनौर
बैठक में प्रशासक बदनौर ने शहर के लोगों, आरडब्ल्यूए, वालंटियर एजेंसी, सोशल वर्कर, सामाजिक संस्थाओं आदि से अपील की है कि वह पुलिस अधिकारियों व हेल्थ अधिकारियों की सहायता करें। इसके अलावा अगर कोई भी व्यक्ति अन्य राज्यों से उनके इलाके में आता है तो प्रशासन को तुरंत इसकी जानकारी दें।
बदनौर ने चंडीगढ़ के डीजीपी को आदेश दिए कि वह यह सुनिश्चित करें कि शहर में सिर्फ उन्हीं लोगों को शहर में प्रवेश मिले, जिन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट पर पंजीकरण कराया हो। आने वाले लोगों की अनिवार्य तौर पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाए।
बापूधाम के चार पॉकेट्स के सभी ब्लाक से सख्ती हटाई
यूटी प्रशासन ने सोमवार को बापूधाम कॉलोनी के चार पॉकेट्स को पूरी तरह से आजाद कर दिया है। पॉकेट नंबर- 15, 13, 20, 7 के कुछ ब्लाक में सख्ती बरकरार रखी थी, जिसे सोमवार को हटा लिया गया। अब यह चारों पॉकेट पूरी तरह से आजाद हैं। इससे वहां रहने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। अब तक बापूधाम के कुल 20 पॉकेट्स में से 19 पॉकेट्स को खोला जा चुका है। इन एरिया में रहने वाले लोग अब अपना व्यवसाय और नौकरी ज्वाइन कर सकते हैं।
लोगों ने लापरवाही दिखाई तो फिर लगाई जा सकती है सख्ती
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि सभी प्रभावित इलाकों में नगर निगम के कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, एसएसपी, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधियों को मिलाकर कमेटी बनाई गई है। यहां की सामान्य स्थिति को देखने के बाद इन इलाकों को बफर जोन से बाहर कर दिया गया है और यहां से प्रशासन की सख्ती को हटा दिया गया है। हालांकि इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की शर्तों को पूरा करना होगा।
आदेशों में कहा गया है कि मेडिकल टीमों की स्क्रीनिंग व मॉनिटरिंग इलाके में लगातार जारी रहेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। प्रशासक स्पष्ट किया कि अगर आने वाले दिनों में यहां के लोगों की तरफ से लापरवाही दिखाई जाती है और कोरोना के नए मामले सामने आते हैं तो यहां पर हटाई गई सख्ती को दोबारा लगाया जा सकता है।