पत्रकारों से बात करते प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के बीच तल्खी फिर बढ़ सकती है। मान ने रविवार को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में अपने भाषण के दौरान पंजाब के राज्यपाल के अपनी सरकार के प्रति व्यवहार का उदाहरण दिया था। मान ने कहा कि राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित उनकी सरकार को विधानसभा का बजट सत्र बुलाने की अनुमति नहीं दे रहे थे। इसे लेकर राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा, जिसके बाद राज्यपाल ने सत्र बुलाने की मंजूरी दी।
सोमवार को मान के बयान पर बनवारीलाल पुरोहित ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट कहा है कि राज्य का मुख्यमंत्री राज्यपाल के प्रति जवाबदेह है और जो भी राज्यपाल की तरफ से दस्तावेज या जवाब मांगे जाएंगे, वह उन्हें देना होगा।
डंपिंग ग्राउंड के मुद्दे पर बुलाई ऑल पार्टी मीटिंग
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सोमवार को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई। बैठक में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सभी पार्षद उपस्थित रहे। यह बैठक डंपिंग ग्राउंड पर लगने वाले नए 550 टन प्रतिदिन प्लांट को लेकर बुलाई गई थी।
प्रशासक ने कहा कि यह प्लांट शहर के लिए जरूरी है इसलिए उन्होंने प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह इस पर तेजी से काम करें। कुछ पार्षद इसका विरोध कर रहे थे, जिसको लेकर यह बैठक बुलाई और उन्हें समझाने की कोशिश की गई है। प्रशासक में कहा कि डड्डूमाजरा के अलावा और कहीं भी यह प्लांट नहीं लग सकता क्योंकि चंडीगढ़ में जगह ही नहीं है। यह बात उन्होंने पार्षदों को समझाई है।