शहर के सरकारी स्कूलों में 31 मई तक सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मावकाश है। अभी सिर्फ दसवीं के इंचार्ज या दाखिले से संबंधित शिक्षकों को ही स्कूल बुलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अभी ग्रीष्मावकाश को बढ़ाने की कोई योजना नहीं हैं। पड़ोसी राज्यों की ओर से ग्रीष्मावकाश में 15 दिन की बढ़ोतरी करने के बाद शहर के शिक्षक भी कोरोना संक्रमण के समय में अवकाश बढ़ाने की मांग कर रहे हैं या घर से काम करने की अनुमति दी जाए।
शिक्षक बोले- टीकाकरण के बाद ही बुलाया जाए स्कूल
शिक्षकों ने बताया कि शहर के स्कूलों के बहुत से शिक्षक इस समय कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हुए हैं। लगभग दो से तीन सौ के बीच शिक्षक व स्कूल कर्मचारी कंटेनमेंट जोन, टीकाकरण शिविरों, अस्पतालों आदि में ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में अगर सभी को स्कूल बुलाया जाता है तो संक्रमण के फैलने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।
प्रशासन से मांग है कि पहले सभी शिक्षकों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करवाया जाए। इसके बाद स्कूलों को शिक्षकों के लिए पूरी तरह खोला जाए। 45 से अधिक उम्र के बहुत से शिक्षक कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। लेकिन 45 से कम उम्र के बहुत से शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का अभी टीकाकरण नहीं हुआ है।