चंडीगढ़। प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा शनिवार को सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, कार्यालयों, संस्थानों, बोर्डों और निगमों को आदेश जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गृह मंत्रालय की अधिसूचना 29 मार्च 2022 के तहत अब यूटी चंडीगढ़ के ग्रुप ए, बी और सी के कर्मचारियों की सेवा शर्तें केंद्रीय सिविल सेवाओं के अनुरूप होंगी। इसके तहत अनुशासनात्मक मामलों में भी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश लागू होंगे।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) भारत सरकार द्वारा 26 मार्च 2024 को जारी कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए अनुशासनात्मक जांच की समय-सीमा पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा खैराती लाल बनाम हरियाणा राज्य मामले में 13 अक्तूबर 2025 को दिए गए आदेशों का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें अनुशासनात्मक मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए थे।