फ्रेंच प्रेसीडेंट ओलांद और मोदी की यात्रा से उत्साहित होकर चंडीगढ़ प्रशासन एक और म्यूजियम बनाने की तैयारी में जुट गया है। पीएम मोदी की ओर से वहां पर रखे गए जीवाश्म को सहेजने के सवाल के बाद अब यूटी प्रशासन नए म्यूजियम के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। नया म्यूजियम सारंगपुर के आसपास बनाने पर विचार चल रहा है।
रविवार को मोदी और ओलांद ने म्यूजियम में 26 लाख पुराने दुर्लभ जीवाश्म को देखा। इन जीवाश्म को फ्रांस के नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री और भारत की सोसायटी फॉर आर्कियोलॉजी एंड एंथ्रोपोलॉजिकल रिसर्च सेंटर चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों ने करीब 10 साल की कड़ी मेहनत के बाद शिवालिक की पहाड़ियों के आसपास से निकाला था।
यूटी गृहसचिव अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इन दुर्लभ जीवाश्म को एक महीने तक आम लोगों और टूरिस्ट के लिए गवर्नमेंट म्यूजियम में ही रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जीवाश्म के बारे में विस्तार से जानकारी के लिए गाइड भी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि लोगों को उनके बारे में विस्तार से जानकारी मिल सके।
अग्रवाल ने बताया कि मौजूदा म्यूजियम में जगह काफी सीमित है। गृहसचिव ने बताया कि यूटी प्रशासन जल्द ही केंद्र सरकार से नए म्यूजियम की अनुमति और फंड के लिए प्रपोजल बनाकर भेजेगा। उन्होंने कहा कि सारंगपुर स्थित बोटनिकल गार्डन में म्यूजियम के लिए नई जगह तलाश की जाएगी।