अगर आप पेइंग गेस्ट रख रहे हैं या साइबर कैफे के लिए दुकान किराए पर दे रहे हैं तो पहले यह बेहद सख्त फरमान जरूर पढ़ लें। आतंकी खतरे और अन्य किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए डीसी ने साइबर कैफे, इमीग्रेशन कंपनियों, पीजी और होम सर्वेंट के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
यह आदेश 7 दिसंबर से लागू होकर 4 फरवरी तक जारी रहेंगे। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कम डीसी अजीत बालाजी जोशी ने सभी शहरवासियों से चौकसी बरतने की नसीहत दी है। खासकर साइबर कैफे, इमीग्रेशन कंपनियों, पीजी और होम सर्वेंट या हेल्पर के मामले में जांच परख करने केआदेश दिए हैं।
बिना जान-पहचान के किसी को कैफे इस्तेमाल करने, पीजी देने और नौकर रखने पर कानूनी कार्रवाई होगी। कैफे संचालक को यूजर की पहचान रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। यूजर को अपने हाथों से अपना नाम, पता, फोन नंबर और आईडी प्रूफ रजिस्टर में दर्ज करना होगा। कंप्यूटर पर देखे गए डाटा का रिकॉर्ड भी रखना होगा।
अगर यूजर पर जरा भी किसी बात को लेकर शक होता है तो जानकारी पुलिस को देनी होगी। इसकेअलावा कंसल्टेंसी केनाम पर बिना लाइसेंस इमीग्रेशन का काम करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। कंसल्टेंसी शुरू करने से पहले संचालक को सात दिन केअंदर पुलिस को सूचना देनी होगी।
चंडीगढ़ में रहने वाले बाहरी लोगों को पीजी या घर किराये पर देने के मामले में भी जानकारी पुलिस को देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर पीजी संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही घर में नौकर या हेल्पर रखने पर भी उसकी पूरी जानकारी पुलिस को देनी होगी। जोशी ने कहा कि इसकेलिए अधिकारी बीच-बीच में औचक निरीक्षण भी करेंगे।