अब अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही उनके कैरियर को प्रभावित करेगी। चंडीगढ़ के 14 हजार इंप्लायज की एनुअल परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट ऑनलाइन कर दी गई है। वर्ष 2017-18 वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट ऑनलाइन मोड में ही पूरी की गई है। सोमवार को आईटी के स्पेशल सेक्रेटरी जितेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई। इसमें उन्होंने कहा कि इतने सारे इंप्लायज और अफसरों की अप्रेजल करना बहुत कठिन काम था।
ऑनलाइन अप्रेजल का कांसेप्ट चूंकि पहली बार लागू किया गया था, जिसमें सबसे बड़ी अड़चन यह थी कि कर्मचारियों की कंप्यूटर नॉलेज न के बराबर थी। 98 प्रतिशत मुलाजिमों ने इस काम को बेहतरी से अंजाम दिया। इस दौरान आईटी के डायरेक्टर अर्जुन शर्मा ने कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग का एक सेल तैयार कर दिया है। हर विभाग में नोडल अफसर और मास्टर ट्रेनरों की पहचान कर ली गई है। लगातार कम्युनिकेशन और फीडबैक से इस काम को आगे भी अंजाम दिया जाता रहेगा।
तीन स्तर पर बनी रिपोर्ट
यह रिपोर्ट तीन स्तर पर लिखी गई है। पहली रिपोर्टिंग अथॉरिटी, दूसरी रिव्यूइंग अथॉरिटी और तीसरी असेप्टिंग अथॉरिटी के स्तर पर। सभी स्तर पर 98 प्रतिशत कंपलायंस हो चुकी है। जल्द ही कर्मियों को उनकी करेंट परफोर्मेंस रेटिंग ऑनलाइन बता दी जाएगी।
अधिकांश कर्मचारियों ने भर दी अप्रेजल
प्रशासन की ओर से यह पहली बार है कि ग्रुप ए, बी व सी के इंप्लायज की अप्रेजल अपने समय पर पूरी हो गई है। पहले अप्रेजल का प्रोसेस साल भर में खत्म नहीं हो पाता था। 14 हजार इंप्लायज में से लगभग 98.25 प्रतिशत इंप्लायज ने अपनी सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट ऑनलाइन ही सबमिट कर दी।