चंडीगढ़ में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने शनिवार और रविवार को सुखना लेक को लोगों के लिए बंद कर दिया है। इसके अलावा प्रशासन एक बार फिर से शहर की कुछ मार्केटों में ऑड-ईवन फॉर्मूले को लगाने जा रहा है, जिसके तहत ही दुकानें खोली जा सकेंगी। बता दें कि अमर उजाला ने बीते 28 जुलाई को ‘वीकेंड पर सुखना लेक को बंद करने की तैयारी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर लोगों को पहले ही इस बारे में जानकारी दे दी थी।
पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में यह तय किया गया कि शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रात 10 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू पहले की तरह ही जारी रहेगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने रात में लगे कर्फ्यू को हटाने की इजाजत दे दी है लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने रात के कर्फ्यू को जारी रखने का फैसला लिया है।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि शहर के भीड़भाड़ वाले कई मार्केटों में दुकानें ऑड-ईवन फार्मूले के साथ खुलेंगी। इसके लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जो ऐसे बाजारों की पहचान करेगी। इसके अलावा अब दुकानें रात 8 बजे तक ही खोली जा सकेंगी। खाने-पीने की दुकानों को रात 9 बजे तक खोला जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 5 अगस्त से शहर के योग इंस्टीट्यूट और सभी जिम खोले जा सकेंगे।
मास्क नहीं पहनने वालों के चालान काट प्रशासन ने कमाए 45 लाख
बैठक में शहर के डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि बीते कई दिनों से मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ शहर भर में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक 8 हजार से ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं और इन लोगों से प्रशासन ने 45 लाख रुपये वसूले गए हैं। उन्होंने बताया कि एसडीएम की अगुवाई में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, पुलिस व अन्य अधिकारी शहर के विभिन्न मार्केटों व सार्वजनिक स्थानों पर घूम-घूम कर मास्क नहीं पहनने वालों का चालान काट रहे हैं।
मास्क नहीं पहनने वालों पर मौके पर ही 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। अगर कोई जुर्माना देने से मना करते हैं तो उनके खिलाफ आईपीसी 188 के तहत कार्रवाई की जाती है। बदनौर ने चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल को आदेश दिए कि वह अन्य राज्यों से आने वाले लोगों पर सख्त निगरानी रखें क्योंकि वह शहर में कोरोना के संक्रमण फैलाने की एक वजह बन सकते हैं।