पर्यावरण संबंधी कंसेंट नहीं लेने वाली शहर की 125 इंडस्ट्रीज बंद हो जाएंगी। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (सीपीसीसी) ने ऐसी सभी इंडस्ट्रीज को स्वेच्छा से काम बंद करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। इतना ही नहीं बंद करने के बाद ताला जड़ी फोटो खींचकर सीपीसीसी को भेजनी होगी। यह तालाबंदी वाटर एक्ट-1974 और एयर एक्ट-1981 के उल्लंघन की वजह से होने जा रही है।
एक्ट के तहत किसी भी इंडस्ट्री को शुरू करने से पहले सीपीसीसी से कंसेंट टू एस्टेब्लिश और शुरू करने के बाद कंसेंट टू ऑपरेट लेना अनिवार्य होता है। इसके ठीक उलट चंडीगढ़ की करीब 125 इंडस्ट्रीज ने बिना कंसेंट के ही काम शुरू कर दिया है। इनमें से कई तो महीनों से काम कर रही हैं। सीपीसीसी के पास इंडस्ट्री कंसेंट के एक साथ बहुत से आवेदन मंजूरी के लिए आने पर इस मामले का खुलासा हुआ। अधिकारियों की छानबीन में सामने आया कि सभी इंडस्ट्री एक्ट का उल्लंघन कर रही हैं।
अब सीपीसीसी इन सभी इंडस्ट्री के मालिकों पर केस भी दर्ज करवाएगी। पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी ने यह साफ कर दिया है कि उल्लंघन को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। बिना मंजूरी के इकाई चलाना सेंट्रल एक्ट का उल्लंघन है। एक्ट के उल्लंघन पर जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान है। यह सभी इंडस्ट्री यूनिट इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में चल रही हैं।
लॉ ऑफिसर एंड लीगल असिस्टेंट की होगी भर्ती
इस तरह के मामलों से निपटने के लिए सीपीसीसी लॉ ऑफिसर एंड लीगल असिस्टेंट की भर्ती भी करेगा। जो सीपीसीसी संबंधी सभी मामलों को कानूनी तरीके से देखेंगे। इस भर्ती से यह बात भी साफ हो गई है कि इन सभी इंडस्ट्री मालिकों पर कार्रवाई होना तय है। बताया जा रहा है कि सीपीसीसी के अधिकारी इस तरह के मामलों पर सख्ती बरतेगी।