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खाकी वर्दी पर विवाद; पुलिस ने कहा- बदल लो, PGI ने कहा- नहीं बदलेंगे

Wed, 19 Apr 2017 09:21 AM IST
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : demo pics
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पीजीआई ने चंडीगढ़ पुलिस की बात मानने से इंकार कर दिया है। पीजीआई प्रबंधन ने पुलिस को स्पष्ट कह दिया है कि वह अपने यहां पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की वर्दी नहीं बदल सकते हैं। मार्च माह में पुलिस ने पीजीआई को पत्र लिखकर कहा था कि वह अपने सुरक्षाकर्मियों की वर्दी में बदलाव कर दें। क्योंकि उनकी वर्दी पुलिस कर्मचारियों की वर्दी की तरह है। पुलिस ने ऐसा ही पत्र पंजाब विश्वविद्यालय को भी लिखा है। लेकिन पीयू की ओर से अभी इसका कोई जवाब नहीं दिया गया है।
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पीजीआई ने पुलिस को भेजे जवाब में कहा है कि जब से पीजीआई बनी है उस समय से सेंट्रल के नियमों पर गार्डों की वर्दी में खाकी का चलन है। इसमें पीजीआई की ओर से बदलाव नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अब पुलिस विभाग पीजीआई और प्रशासन के साथ एक ज्वाइंट मीटिंग करने जा रहा है ताकि पीजीआई को वर्दी के रंग में बदलाव करने के लिए मनाया जा सके।

पुलिस क्यों चाहती है कि वर्दी के रंग में बदलाव
वर्दी के रंग व कुछ बेसिक चीजों में बदलाव को लेकर संज्ञान एसएसपी डाक्टर ईश सिंघल ने लिया था। इसके बाद 8 मार्च 2017 को पीजीआई चौकी ने बदलाव के लिए लेटर लिखा था। पीजीआई में आने वाले ज्यादातर मरीज व उनके परिजनों से कभी गार्ड किसी तरह का अभद्र व्यवहार करते थे तो खाकी समझकर पीड़ित पुलिस पर आरोप लगाते थे। इसके अलावा एसएसपी ने लेटर लिखते समय बताया था कि पुलिस की वर्दी से अलग होना बहुत जरूरी है। पीजीआई व पीयू के गार्डों की खाकी वर्दी में पुलिस की तरह बेल्ट, बैच, स्टार पर नेमप्लेट लगा होता है। इस वजह विभाग की तरफ से वर्दी कलर व कुछ बेसिक चीजों में बदलाव करने के लिए लेटर लिखा था।
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विवादों में पीजीआई के गार्ड:

पीजीआई में सुविधा
विवादों में पीजीआई के गार्ड:
पीजीआई के गार्डों पर आए दिन मरीजों और उनके तीमारदारों से दुर्व्यवहार के आरोप लगते रहते हैं। सिक्योरिटी अपने बर्ताव को लेकर हमेशा से विवादों में रही है। इससे पहले फर्जी एंबुलेंस स्कैम मामले में पीजीआई में कई सालों से गार्ड की पोस्ट पर कार्यरत 3 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा वहा पर मरीजों से हाथापाई जैसी शिकायतों में माफी मांग चुके है।

चौकी पुलिस ने अपने अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट-
पीजीआई चौकी इंचार्ज ईरम रिजवी ने बताया कि पीजीआई ने उनके लेटर पर जवाब फाइल कर दिया। जिसके बाद रिपोर्ट बनाकर विभाग के आला अधिकारियों को सौंपकर अपने लेवल पर आला-अधिकारियों को सौंप दी है। इस मामले में आला-अधिकारी ही अंतिम फैसला लेकर प्रशासन को लिख सकते है। 
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