चंडीगढ़। शहर की तैराक चाहत अरोड़ा ओलंपिक क्वालीफाइंग के लिए उज्बेकिस्तान में खेली जा रही उज्बेकिस्तान स्वीमिंग चैंपियनशिप में वीरवार को 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक इवेंट में 1.16.10 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। चैंपियनशिप में चाहत का यह दूसरा स्वर्ण पदक रहा।
इससे पहले बुधवार को चाहत ने 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में 33.80 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता था। चाहत द्वारा दो स्वर्ण पदक जीतने पर परिवार और कोच गुरचरण सिंह काफी खुश है।
कोच ने कहा कि आज मेरे लिए सबसे बड़ा खुशी का दिन है। मेरी प्रशिक्षु ने 50 मीटर और 100 मीटर में स्वर्ण पदक जीतकर शहर का नाम रोशन किया है। उज्बेकिस्तान में यह स्वीमिंग चैंपियनशिप 17 अप्रैल तक खेली जा रही है। चाहत शहर से एकमात्र महिला तैराक है जो इसमें हिस्सा ले रही हैं। ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लए यह स्वीमिंग चैंपियनशिप काफी महत्त्वपूर्ण है। यहां बेहतर करने के बाद अब चाहत को भारत में खेली जाने वाली चैंपियनशिप में हिस्सा लेना होगा। इसके बाद ही चाहत का ओलंपिक क्वालीफाइंग तय होगा।
विदेश में लिया प्रशिक्षण और भारतीय कैंप में की मेहनत काम आई
चाहत अरोड़ा की मां गीता अरोड़ा ने बताया कि पिछले साल बैंकॉक में उच्च स्तर के प्रशिक्षण सेे चाहत का काफी मनोबल बढ़ा था और वहीं दो रिकार्ड भी बनाए थे। इसके अलावा दो महीने तक बंगलूरू में भारतीय कैंप में चाहत ने कड़ी मेहनत की थी। इसकी बदौलत ही चाहत लगातार दो स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब हुई है।
टॉप की महिला तैराक की सूची में शामिल
चाहत अरोड़ा देश की टॉप की 10 महिला स्वीमिंग खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर पिछले कुछ सालों से लगातार पदक जीतकर देश के साथ शहर का नाम भी रोशन कर रही है। इस खिलाड़ी ने अपने स्वीमिंग कॅरिअर की शुरुआत पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वीमिंग पूल से की। यहां पर कोच गुरचरण सिंह की देखरेख में विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।