फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ माह की चाहत का वजन 20 किलो, PGI में होगी जांच

Fri, 12 May 2017 09:13 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
अनोखी बच्ची चाहत
विज्ञापन
बच्ची की कद-काठी देखकर यह आभास होता है कि उसकी उम्र 10 से 15 वर्ष के बीच होगी। बच्ची का नाम चाहत रखा गया है। 9 महीने की इस बच्ची का वजन  20 किलो है, जो सबके लिए हैरान करने वाला है।  नौ माह की चाहत का वजन 20 किलो है। आमतौर पर इस उम्र में बच्ची का वजन सात से दस किलो के बीच रहता है। वजन बढ़ने से परेशान उसके माता-पिता वीरवार को पीजीआई लेकर पहुंचे।
विज्ञापन


डॉक्टरों ने उसे देखा और उसे एडमिट कर लिया है। शुक्रवार से उसके ब्लड की जांच शुरू हो जाएगी। जांच के बाद ही इलाज शुरू होगा। बच्ची को एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में दाखिल कराया गया है। हालांकि बच्ची को वजन बढ़ने के अलावा कोई दूसरी दिक्कत नहीं है। आम बच्चों की तरह वह हंसती, खेलती और दूध पीती है।

चाहत के पिता सूरज कुमार ने बताया कि उनकी बच्ची का जन्म 24 जुलाई 2016 को हुआ था। जन्म के समय वह नार्मल थी। चौथे माह से उसका वजन बढ़ने लगा था। चार माह में उसका वजन नौ किलोग्राम हो गया। छठे माह में 15 और नौंवे में उसका वजन 20 किलो दर्ज किया गया है। इससे सूरज व उसकी पत्नी रेनू घबरा गई। उन्होंने अमृतसर के गुरु नानक बेबी नानकी हास्पिटल में दिखाया।
विज्ञापन


वहां के डाक्टरों ने उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया। उसके बाद 20 अप्रैल को वे पीजीआई पहुंचे, लेकिन बेड न होने के कारण उन्हें वापस होना पड़ा था। वीरवार को जब वे पहुंचे तो डाक्टरों ने शाम को उसे एडमिट कर लिया। शुक्रवार से उसका इलाज शुरू होगा। सूरज ने बताया कि जब से चाहत जन्मी है, तब से वह मां का दूध पी रही है।
विज्ञापन

सूरज की दादी का वजन भी 100 किलो के आसपास

अनोखी बच्ची चाहत
चाहत की मम्मी व पापा अपनी उम्र के मुताबिक फिट हैं। सूरज की दादी का वजन ज्यादा है। उनकी उम्र 85 साल है, लेकिन उनका वजन 100 किलो के आसपास है। इसी तरह से सूरज का चचेरा भाई मलकीत भी ओवरवेट है। उसकी उम्र मात्र 14 साल है, लेकिन उसका वजन 68 किलो है। हालांकि मलकीत को कोई बीमारी नहीं है। सूरज ने बताया कि बेटी का इलाज कराने के बाद वह अपने भाई का भी इलाज करवाएगा।

कोटवजन बढ़ने के दो कारण हो सकते हैं। पहला हाइपोथैलामिक सिंड्रोम। जिसमें ब्रेन के हंगर सेंटर में गड़बड़ी होती है। दूसरा क शिंग संड्रोम। इसमें भी बच्चे का वजन बढ़ता है। जांच के बाद असल कारणों का पता चल सकेगा।
अनिल भंसाली, एचओडी इंडोक्राइनोलाजी पीजीआई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें