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चढ़ूनी बोले- पंजाबी गायक जस बाजवा पर झूठा मामला दर्ज

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चंडीगढ़। कृषि कानूनों का विरोध करने चंडीगढ़ में घुसे किसानों पर दर्ज मामले में एक नया मोड़ आया है। भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने आरोप लगाया है कि पंजाबी गायक जस बाजवा के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने झूठा केस दर्ज किया है। यह केस रद्द नहीं किया गया तो प्रशासन के खिलाफ कड़ा फैसला लिया जाएगा।
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किसानों के राजभवन कूच के दौरान पंजाब के किसानों ने बैरिकेड तोड़कर मोहाली की ओर से चंडीगढ़ में प्रवेश किया था जबकि हरियाणा के किसानों ने हाउसिंग बोर्ड पर ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-17 थाने में पंजाबी गायक जस बाजवा व सोनिया मान समेत 17 नेताओं और समर्थकों के खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज किया था। अब सोशल मीडिया पर यह संदेश वायरल हो रहा है कि जस बाजवा और सोनिया मान तो चंडीगढ़ में घुसे ही नहीं तो इन पर चंडीगढ़ पुलिस ने मामला कैसे दर्ज कर लिया। इसे लेकर उनके फैंस पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहे हैं।
चढूनी ने ट्विटर पर दी चेतावनी
चढूनी ने ट्विटर पर लिखा कि ‘ जस बाजवा पहले दिन से पंजाब के किसानों के लिए अच्छा लिखते और अच्छा गाते हैं। उनके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। हम जस बाजवा के साथ खड़े हैं, चंडीगढ़ पुलिस या तो झूठे मुकदमे रद्द कर दे, नहीं तो हमें प्रशासन पर कड़ा एक्शन लेना पड़ेगा।
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सोनिया बोलीं-चंडीगढ़ पुलिस की रिपोर्ट बेबुनियाद
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से मेरे और कलाकार जस बाजवा के ऊपर गलत एफआईआर दर्ज की गई है। हम दोनों प्रदर्शन के दिन पंचकूला में थे। हमने चंडीगढ़ में एंट्री ही नहीं की थी। पुलिस ने एफआईआर में लिखा है कि क्रिकेट स्टेडियम के पास सोनिया मान और बाजवा ने लोगों को भड़काया, उनके हाथों में तलवारें थीं, बैरिकेड तोड़े और पुलिस पर हमला किया। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ, हमने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में हिस्सा लिया। -सोनिया मान, पंजाबी कलाकार
इंस्टाग्राम पर जस ने रखा अपना पक्ष
जस बाजवा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर लिखा है कि वह चंडीगढ़ में दाखिल ही नहीं हुए। मैंने चढूनी के साथ पंचकूला में ही प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। सोशल मीडिया पर इसके सुबूत भी हैं। मैंने खुद प्रदर्शन के दिन इसका वीडियो डाला था। पंचकूला में प्रदर्शन के दौरान कोई बैरिकेड भी नहीं टूटे थे। पुलिस ने गलत जानकारी पर एफआईआर दर्ज की है।
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पुलिस की सुनिए
आरोप बेबुनियाद है। पुलिस ने इस पूरे मामले की गहनता से जांच की है। इसके बाद ही मामला दर्ज हुआ है।
केतन बंसल, एसपी सिटी
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