टॉप 20 स्मार्ट सिटी की लिस्ट में पिछड़ने के बाद चंडीगढ़ के पास एक और मौका है। इसके लिए संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा। अगले 20 शहरों की सूची 15 अप्रैल को जारी होगी। इसके लिए 15 मार्च तक प्रेजेंटेशन देनी होगी। हालांकि इसके लिए अभी तक यूटी प्रशासन तैयार नहीं है।
इसका कारण यह है कि उच्च अधिकारियों को अभी तक यह भी नहीं पता कि किन कमियों की वजह से चंडीगढ़ रेटिंग में पिछड़ कर टॉप-20 से बाहर हो गया। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नोडल अफसर दानिश अशरफ का कहना है कि कंसल्टेंट से कमियों की जानकारी ली जाएगी। इनका पता चलते ही इन्हें दूर कर संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा।
स्मार्ट सिटी के लिए बनेगा स्पेशल पर्पज व्हीकल
स्मार्ट सिटी बनाने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) बनाया जाएगा। जिसमें चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। यही एसपीवी पूरे प्रोजेक्ट का काम देखेगा। पहले 20 स्मार्ट शहरों में नहीं आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने स्तर पर शहर को स्मार्ट बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ सिर्फ स्मार्ट सिटी प्रतियोगिता से बाहर हुआ है। ग्रांट इत्यादि पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। टॉप-20 शहरों की ही तरह चंडीगढ़ को भी पहले साल 200 उसके बाद तीन साल तक 100-100 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलेगी। जो शहर के विकास पर खर्च होगी। एसपीवी इसके लिए योजनाएं तैयार करेगी।
यह रहेगा बजट का खेल
स्मार्ट सिटी बनाने केलिए चंडीगढ़ का 1500 करोड़ रुपये का बजट एस्टीमेट तैयार हुआ है। जिसमें 500 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी, 500 करोड़ स्टेट गवर्नमेंट यानी यूटी प्रशासन वहन करेगा। बाकी बचे 500 करोड़ रुपये प्रापर्टी ऑक्शन से जुटाए जाएंगे। ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट के लिए विकास मार्ग पर 257 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।
जहां इनोवेशन हब/बायोटेक पार्क/एजुकेशन सिटी डेवलप की जानी है। इसकेअलावा सेक्टर-17 में ली कार्बूजिए के डिजाइन पर 11 मंजिल की बिल्डिंग बननी है। इसकेलिए जगह चिन्हित हो चुकी है। इन दोनों प्रापर्टी की नीलामी से स्मार्ट सिटी के लिए शेष राशि जुटाई जाएगी।