चंडीगढ़। सेक्टर-27 में मौजूद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की इमारत की बदहाल स्थिति और बदतर हालात पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को रेनोवेशन से जुड़ा काम पूरा होने की टाइम लाइन सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में काम पूरा नहीं हुआ तो दोषी अधिकारी पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट को बताया कि एनसीएलटी की इमारत खस्ताहाल है। इसकी बदहाल स्थिति को देखते हुए ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष को बार एसोसिएशन की ओर से मांगपत्र भी दिया गया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। हाल ही में चंडीगढ़ सहित पूरे क्षेत्र ने भारी बरसात का सामना किया और इस दौरान इमारत के बेसमेंट में करीब 7 फुट पानी भर गया था।
इससे न केवल कामकाज प्रभावित हुआ बल्कि साथ ही यहां मौजूद रिकाॅर्ड को भी भारी नुक्सान हुआ। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान इमारत की स्थिति को लेकर ध्यान न देने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो केंद्र सरकार की ओर से एडिशन सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया कि पिछली सुनवाई के बाद से इमारत को बेहतर बनाने के लिए काफी कदम उठाए गए हैं। इसका विरोध करते हुए बार एसोसिएशन ने बताया कि अभी भी टॉयलेट बदतर स्थिति में है। जगह-जगह सीलन है और पानी टपकता है। रेनोवेशन के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है।