पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को एक माह के भीतर प्रॉपर्टी को आधार से लिंक करने को अनिवार्य बनाने पर निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा-पंजाब के मुख्य सचिव व प्रशासक के सलाहकार को भी इसके लिए एक माह की मोहलत दी है।
निखिल सराफ ने एडवोकेट पवन कुमार मुतनेजा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बेनामी संपत्ति का मुद्दा उठाया था। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि देश में सबसे ज्यादा काला धन बेनामी संपत्ति के रूप में मौजूद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी कर कैश के रूप में काले धन पर प्रहार किया था लेकिन अभी भी संपत्ति के रूप में काला धन मौजूद है। यदि इसे बाहर लाना है कि हर प्रॉपर्टी ट्रांजक्शन को आधार से लिंक करना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
याची ने बताया कि बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजक्शन के कारण ही प्रॉपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं। यदि आधार लिंक किया जाएगा तो प्रॉपर्टी के दाम नीचे आएंगे और आम आदमी का अपने घर का सपना पूरा हो सकेगा।
याची ने कहा कि इसकी वजह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार से मिलने वाले धन को प्रॉपर्टी में लगाया जाता है और इस प्रकार बेनामी ट्रांजक्शन के कारण ही देश की अर्थ व्यवस्था चरमरा रही है।
याची ने बताया कि इस बारे में देश के सभी राज्यों में इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार तथा हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में इसे लागू करने के लिए मुख्य सचिव तथा प्रशासक केसलाहकार को रिप्रजेंटेशन दी गई है।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासक के सलाहकार, हरियाणा व पंजाब के मुख्य सचिव तथा केंद्रीय गृह सचिव को रिप्रजेंटेशन पर एक माह में निर्णय ले स्पीकिंग आर्डर जारी करने के आदेश दिए हैं।
आंकड़ों से बताया हाल
याची ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भारत 2018 में 78वें, व्यापार करने को आसान बनाने के मामले में 2018 में 77वें, ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 103वें, आत्महत्या के मामले में 43वें, साक्षरता के मामले में 168वें, वर्ल्ड हैपीनेस इंडेक्स में 2019 में 140वें, ग्लोबल पीस इंडेक्स में 2019 में 141वें स्थान पर है।