बढ़ती आबादी के साथ साथ देश में रोजगार का संकट भी गहरा रहा है। तमाम युवाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू किया है तो कुछ ने अपनी फील्ड बदली है। फील्ड बदलकर पढ़ाई करने के बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं रही, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन एंड पीस स्टडीज में आपका दाखिला हो गया तो समझो रोजगार की चिंता खत्म हो गई।
इसी विभाग से पढ़े छात्र हरकृपाल खटाना गुजरात में कमिश्नर हैं। इसी तरह नीरू ठाकुर जज, अजीत अत्री चंडीगढ़ में सेशन जज हैं। यूथ सत्ता नामक एनजीओ खोलकर प्रमोद दर्जनों लोगों को गांधी का पाठ पढ़ा रहे हैं। पूर्व छात्र वसीम, प्रियवर्ती आदि ने भी एनजीओ खोल लिया जो दूसरे विद्यार्थियों को रोजगार दे रहे हैं। यहां से पास आउट महमूद ईरान में ही आजाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर हैं। इसके अलावा भी सैकड़ों विद्यार्थी विभिन्न सेक्टरों में धूम मचा रहे हैं।
आज युवा गांधी के सिद्धांतों पर चलना पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि एमए में एडमिशन के लिए हर साल सैकड़ों आवेदन मिल रहे हैं। 11 राज्यों के अलावा विदेशों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां पढ़ने आ रहे हैं। रोजगार का भी उनके सामने संकट नहीं है, उन्हें नौकरियां मिल रही हैं। हर क्षेत्र में वह नाम कमा रहे हैं। - प्रो. आशु पसरीचा, चेयरमैन, डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन एंड पीस स्टडीज पीयू