चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बीते दिनों वीडियो कांफ्रेसिंग में डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने कोविड प्रबंधन पर शहर की तैयारियों की जानकारी दी थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष चिकित्सा व स्वास्थ्य सुविधाओं की तारीफ करते हुए दूसरे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वह भी इसे लागू कर सकते हैं।
18 मई को प्रधानमंत्री ने कुछ जिलों के अधिकारियों से सीधी बातचीत की थी। इस बैठक में डीसी मनदीप सिंह बराड़ को इस दौरान कोविड-19 प्रबंधन पर एक प्रेजेंटेशन के लिए चुना गया था। प्रेजेंटेशन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि चंडीगढ़ में महामारी से निपटने के लिए किस तरह से प्रशासक बीपी सिंह बदनौर ने ट्राइसिटी में को-ऑर्डिनेशन के लिए कोविड-19 वॉर रूम की व्यवस्था बना रखी है।
कोरोना मरीजों को बेहतर उपचार के लिए डॉक्टर आपस में को-ऑर्डिनेट करते हैं। ऑक्सीजन सप्लाई में किसी भी तरह की दिक्कत न आए, इसलिए ऑक्सीजन सप्लाई नोडल अधिकारी से लेकर नीचे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। उन्होंने यह भी बताया था कि शहर में आयुष चिकित्सा व आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं का इस्तेमाल कोरोना को रोकने में किया जा रहा है। डीसी ने प्रधानमंत्री को बताया कि चंडीगढ़ में बेड की किल्लत न हो, इसलिए विभिन्न संस्थाओं की मदद से मिनी कोविड-19 सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसमें 500 से अधिक बेड उपलब्ध कराए गए हैं। इन सबके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ में किए गए कार्यों की सराहना की थी। इस बैठक में अन्य राज्यों के जिलों के अधिकारियों ने भी अपनी तैयारियों के बारे में पीएम को जानकारी दी थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जिला अधिकारियों द्वारा किए गए कुछ बेहतर पहल को चुना है और अन्य राज्यों व यूटी को भेजा है।