चंडीगढ़। शहर में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार काफी सतर्क है। केंद्र ने यूटी प्रशासन को सलाह दी है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) की रिपोर्ट के निगेटिव आने पर उस व्यक्ति का आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए ताकि संक्रमण का पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय के अलावा नीति आयोग के अधिकारियों की भी शहर में बढ़ रहे कोरोना के मामलों पर नजर है। इस वजह से ही वह हफ्ते में कई बार प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर रहे हैं और कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं। केंद्र ने पिछले वर्ष भी कहा था कि अगर किसी की एंटीजन जांच निगेटिव है लेकिन उसमें बुखार, शरीर दर्द इत्यादि के लक्षण हैं तो उसकी आरटीपीसीआर जांच जरूरी है। हालांकि शहर में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐेसे में केंद्र द्वारा दोबारा चंडीगढ़ को इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा यूटी प्रशासन को बार-बार कंटेनमेंट जोन में सख्ती बरतने और संक्रमति व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की जल्द पहचान के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। केंद्र ने तय किया है कि संक्रमित व्यक्ति के सबसे करीबी 25 लोगों को तुरंत क्वारंटीन किया जाना चाहिए ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। इसके अलावा जांच की संख्या में तेजी लाने, आरटीपीसीआर जांच की संख्या को बढ़ाने, अभियान चलाकर टीकाकरण में लोगों को शामिल करने समेत कई दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।