राष्ट्रमंडल खेलों में खन्ना के गांव माजरी रसुलड्डा निवासी गुरदीप सिंह ने वेटलिफ्टिंग 109 प्लस वर्ग में कांस्य पदक जीतकर पंजाब के साथ देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस जीत से गांव में जश्न का माहौल है। परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। वहीं, पिता भाग सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि गुरदीप सिंह की सफलता के पीछे कड़ी तपस्या है। 2010 में उसने खेलना शुरू किया था। आज उसने 109 प्लस वर्ग में देश के लिए पहली बार पदक जीतकर नाम रोशन किया है।
कांस्य पदक जीतने के बाद गुरदीप सिंह ने घर वालों को बताया कि मुकाबला बहुत कठिन था लेकिन कोच और परिवार ने बहुत सहयोग किया। इसके लिए आभारी हूं। प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। जीत का क्रेडिट कोच और परिवार को दूंगा। फेडरेशन से बहुत सहयोग मिला। पिता भाग सिंह ने कहा कि शुरूआत में गुरदीप सिंह गांव के ग्राउंड में ही अभ्यास करता रहा। इसके बाद कैंप में चला गया।
उसने अपने चचेरे भाई शुभकरनवीर से वेटलिफ्टिंग सीखी, क्योंकि वह वेटलिफ्टिंग का कोच था। गुरदीप ने 2012 में पहली बार प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जिसमें वह दूसरे स्थान पर रहा था। इसके बाद उसने 25 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और 40 से अधिक मेडल जीत चुका है, जिसमें अधिकांश गोल्ड मेडल हैं।
एयरफोर्स से मिला था नौकरी का ऑफर
गुरदीप सिंह को 2015 में रेलवे में नौकरी मिल गई। उनके पास एयरफोर्स से भी नौकरी का ऑफर था लेकिन उन्होंने रेलवे को चुना। इस वक्त वह रेलवे में सीनियर इंस्पेक्शन ऑफिसर हैं और मुंबई में पदस्त हैं। गुरदीप की बहन ने कहा कि भाई ने जीत का वादा किया था। मेडल जीतकर ऐसा उपहार दिया है जिसे जिंदगी में भूल नहीं सकती हूं।
भाई ने दिया रक्षाबंधन का तोहफा
उधर, मेडल जितने के बाद गुरदीप सिंह ने वीडियो कॉल कर बात की। उन्होंने कहा कि देश के लिए मेडल जीतकर बहुत खुशी महसूस कर रहा हूं। बहन मनबीर कौर ने बताया कि भाई की कड़ी मेहनत का फल है। उन्हें रक्षाबंधन का एडवांस गिफ्ट मिल गया है। खन्ना के आम आदमी पार्टी के विधायक तरनप्रीत सिंह सौंद ने फोन कर बधाई दी।