भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) सेंटर में सात महिला खिलाड़ियों द्वारा कोच पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद सेंटर प्रबंधन की नींद टूटी है।
प्रबंधन ने फैसला लिया है कि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए अब पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। केंद्र के सहायक निदेशक राजेंद्र कुमार बिश्नोई ने इस बारे में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सीसीटीवी लगाए जाने की मांग की है।
बीते शुक्रवार को केंद्र की सात नाबालिग खिलाड़ियों ने प्रेसवार्ता कर कोच सतबीर पंघाल पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद से केंद्र में महिला खिलाड़ियों के सुरक्षा को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे।
सहायक निदेशक राजेंद्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि इस विवाद के बाद उन्होंने नार्थ रीजन सेंटर को हिसार साई केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के प्रैक्टिस एरिया में सबसे अधिक कैमरे लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कॉमन रूम, बरामदे, वेटिंग रूम और छात्रावास परिसर सहित अन्य सार्वजनिक एरिया में भी कैमरे लगाए जा सकते हैं।
कोच पर विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ
खुलासे के तीन दिन बाद साई सेंटर की लड़कियों ने अपने सेंटर के अधिकारियों को लिखित शिकायत दे दी है। सेंटर के अधिकारियों ने इस शिकायत को जांच की मांग करते हुए नार्थ जोन के निदेशक को भेज दिया है।
अब साई के अधिकारियों की समिति विभागीय जांच करेगी। अब तक साई द्वारा आरोपी कोच पर विभागीय कार्रवाई इसलिए नहीं हो पा रही थी क्योंकि खिलाड़ियों ने शिकायत पुलिस को तो दी थी, लेकिन साई सेंटर को नहीं दी थी।
छुट्टी पर गए आरोपी कोच
आरोपी कुश्ती कोच सतबीर पंघालअवकाश पर चले गए हैं। कोच पर शुक्रवार को आरोप लगे थे। इसके बाद दो दिन का सरकारी अवकाश था। सहायक निदेशक राजेंद्र बिश्नोई ने बताया कि कोच सतबीर छुट्टी पर चले गए हैं।
यौन उत्पीड़न के विवाद के बाद अब पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों का भेजा गया है ताकि इस घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
- राजेंद्र बिश्नोई, सहायक निदेशक, साई हिसार
छात्रावासों में हो सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध : सिवाच
नेशनल हॉकी टीम की पूर्व सहायक कोच और अर्जुन अवार्डी प्रीतम सिवाच ने कहा कि योग्यता के बावजूद महिला कोचों को टीम की जिम्मेदारी नहीं दी जाती। इस वजह से छेड़खानी जैसे घटनाओं को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि खेल छात्रावासों में भी महिला खिलाड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। इतना ही नहीं इन जगहों पर महिला वार्डनों की तैनाती होने के साथ ही सीसीटीवी भी अनिवार्य रूप लगे होने चाहिए तभी छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को आसानी से रोका जा सकेगा।