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Chandigarh News: चौक पर पेड़ काटने के मामले में सीसीएफ ने नगर निगम और प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

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चंडीगढ़। शहर के प्रमुख चौकों पर लगे युक्का के 50 से ज्यादा पेड़ों को बिना मंजूरी काटने के मामले में मुख्य वन संरक्षक टीसी नौटियाल ने नगर निगम और प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने पत्र लिखकर अधिकारियों ने पूछा है कि बिना मंजूरी किसने इस पेड़ों को काटा है और नगर निगम और प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की है।शहर के तीन प्रमुख चौकों में सेक्टर-17 का बस स्टैंड चौक नगर निगम, जबकि सेक्टर-26 मंडी, सेक्टर-18/19/8/7 का चौक प्रशासन का है। इन तीनों चौकों के रखरखाव की जिम्मेदारी पॉस्को टाटा के पास है। बस स्टैंड चौक पर कटे पेड़ों को लेकर नगर निगम ने सोमवार और यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से मंगलवार को कंपनी के खिलाफ डीडीआर दर्ज कराई गई है। एमओयू को रद्द करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामला शहर के मुख्य वन संरक्षक टीसी नौटियाल तक भी पहुंच गया है। वन विभाग शहर में पेड़ों के संरक्षण के लिए नोडल एजेंसी है, इसलिए उन्होंने निगम और प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और अब तक उनकी तरफ से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी भी जानकारी मांगी गई है। इस संबंध में विभाग की तरफ से संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। बता दें कि कंपनी के कर्मचारियों ने शनिवार और रविवार को तीन चौकों पर लगे युक्का के पेड़ों को बिना किसी अनुमति के काट दिया। ये पेड़ 15 से 20 फीट व कुछ इससे भी ज्यादा बड़े थे। इतनी भारी संख्या में पेड़ काटे गए हैं कि चौक की सूरत बदल गई है।
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एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत
इस मामले में पुलिस के पास अब तक कुल चार शिकायतें पहुंची हैं। नगर निगम और प्रशासन ने डीडीआर दर्ज करने की शिकायत दी है तो सेक्टर-27 में रहने वाले राहुल महाजन और एक अन्य ने एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित में शिकायत दी है। महाजन ने अपनी शिकायत में लिखा है कि चौक पर 100 से ज्यादा पेड़ बुरी तरह से काटे गए हैं। सभी पेड़ युक्का के हैं और ये 20 से 30 साल पुराने हैं। प्रत्येक पेड़ की कीमत करीब एक लाख रुपये है। इसलिए संदेह पैदा होता है। उन्होंने मांग की है संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई कर एक उदाहरण स्थापित किया जाना चाहिए। ऐसा होने से भविष्य में कोई भी शहर की हरियाली को नुकसान पहुंचाने के बारे में नहीं सोचेगा। महाजन ने कहा कि दो दिन तक सड़क के बीचों-बीच मौजूद चौक पर इन पेड़ों को काटा गया लेकिन प्रशासन और नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारियों को कैसे इसकी भनक तक नहीं लगी। कंपनी पर सिर्फ डीडीआर दर्ज करना महज खानापूर्ति है। अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पेड़ों की हत्या है।
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- वर्जन -
इस मामले में नगर निगम और यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है।
- टीसी नौटियाल, मुख्य वन संरक्षक, चंडीगढ़
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