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Chandigarh News: ढाई करोड़ के रिश्वत मामले में सीबीआई का कड़ा एक्शन, शिमला से चंडीगढ़ पहुंची जांच की आंच

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चंडीगढ़। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी दो शिकायतों में ढाई करोड़ रुपये रिश्वत के मामले में सीबीआई जांच की आंच शिमला से लेकर चंडीगढ़ और दिल्ली तक पहुंच गई है। रिश्वतकांड का खुलासा होने के बाद मामले की गाज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक संयुक्त निदेशक पर गिरी है। ईडी निदेशक के आदेश पर संयुक्त निदेशक का तबादला कर चंडीगढ़ से मुख्यालय भेज दिया गया है। शिमला ईडी के फरार सहायक निदेशक विशाल दीप सिंह व मामले में जुड़े अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है। शनिवार को ईडी की टीम ने शिमला स्थित ईडी कार्यालय में फिर छापा मारा और देर शाम तक मौजूद रही। उधर, शिमला स्थित ईडी कार्यालय के कुछ अधिकारियों का भी तबादला कर दिया गया है।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करीब एक महीने पहले से शिमला में तैनात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहायक निदेशक विशाल दीप सिंह के खिलाफ जांच में जुटी थी लेकिन कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही थी। इसी बीच मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दो मामलों में ढाई करोड़ की रिश्वत मांगने की शिकायत मिलते ही सीबीआई ने बीते 24 दिसंबर को शिमला ईडी कार्यालय में छापा मारा। हालांकि, सहायक निदेशक को पहले ही सीबीआई कार्रवाई की सूचना मिल गई थी जिसके चलते वह अपने एक बिचौलिए साथी के साथ फरार हो गया जबकि उसके भाई को सीबीआई ने रिश्वत के करीब 55 लाख रुपये के साथ रंगेे हाथों दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की ओर से शिमला ईडी के दफ्तर में छापा मारने की व सहायक निदेशक की ओर से रिश्वत मांगने की सूचना उसी समय दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में दे दी गई थी। संवाद



शिमला दफ्तर सुबह 11.15 बजे पहुंची सीबीआई टीम

शनिवार सुबह करीब सवा 11 बजे सीबीआई ने एक बार फिर शिमला स्थित ईडी के दफ्तर में दस्तक दी। जब टीम वहां पहुंची तो करीब 7 से 8 मिनट तक गेट के बाहर ही खड़ी रही और इसके बाद ताला खोलने पर टीम अंदर पहुंची। 24 नवंबर को छापे के बाद से ईडी दफ्तर का कोई भी कर्मी या अधिकारी किसी से बात नहीं कर रहा है। यहां गेट पर अंदर से ताला लगाकर रखा जाता है। अब तो गेट के अंदर एक कुत्ते को भी छोड़ दिया गया है, जो किसी को अंदर ही नहीं आने देता है। करीब चार से पांच घंटे तक ईडी ऑफिस में दस्तावेज खंगालने के बाद सीबीआई टीम फिर से वापस आ गई।
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गुरुग्राम पहुंची सीबीआई की टीम

सहायक निदेशक के भाई विकास दीप सिंह ने पूछताछ में सीबीआई को बताया कि उसका मोबाइल गुरुग्राम स्थित कोठी में है। सीबीआई आरोपी का फोन रिकवर करने के लिए गुरुग्राम पहुंच गई है। उसके मोबाइल की लोकेशन से पता चल सकेगा कि आरोपी कहां और किस टावर लोकेशन में था। इसके अलावा जांच टीमों ने पंचकूला व जीरकपुर की कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। वहीं, आरोपी को आज दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद आज फिर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।



सहायक निदेशक को हटाकर मुख्यालय से अटैच किया

सूत्रों की मानें तो बीते शुक्रवार को ही ईडी निदेशक की ओर से रिश्वत के मामले में फंसे सहायक निदेशक विशाल दीप को शिमला से हटाकर मुख्यालय के साथ अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा सहायक निदेशक के पर्यवेक्षी अधिकारी ईडी के संयुक्त निदेशक पर भी इस मामले की गाज गिर गई है। चंडीगढ़ जोन के अधिकारी को बदलकर दिल्ली मुख्यालय के साथ अटैच किया गया है। एक अधिकारी का कहना है कि जीरो टोलरेंस नीति के तहत शिमला सहायक निदेशक के साथ-साथ उसके पर्यवेक्षी अधिकारी को उनकी तैनाती के स्थान से स्थानांतरित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इन दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और दोनों को वापस उनके मूल विभाग में भी भेजा जा सकता है। सहायक निदेशक विशाल दीप की करीब एक साल पहले ही प्रवर्तन निदेशालय में प्रतिनियुक्ति हुई थी। इससे पहले वह कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड में कार्यरत थे। उनकी मूल जॉइनिंग भी उसी विभाग में है लेकिन रिश्वत मामले का खुलासा होने के बाद सहायक निदेशक को सस्पेंड किया जा चुका है। उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी है।



जब खुद का गिरेबान फंसा तो सार्वजनिक नहीं की सूचना



प्रवर्तन निदेशालय देशभर में आए दिन मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य मामलों में किसी न किसी आरोपी को गिरफ्तार कर करोड़ों की नकदी के अलावा ज्वेलरी व प्रॉपर्टी अटैच करने का काम करता है। इस तरह की कोई भी कार्रवाई करने पर ईडी रोजाना अपनी कार्रवाई को सार्वजनिक भी करती है लेकिन अब जब रिश्वत के मामले में ईडी के एक अधिकारी का गिरेबान फंसा तो अधिकारी कुछ भी बोलने से बचने का प्रयास कर रहे हैं। बाकायदा अभी तक सीबीआई की ओर से ईडी अधिकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सीबीआई और ईडी ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
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