डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को यौन शोषण के जिस केस में दोषी ठहरा गया है, उसकी चार्जशीट में उन साध्वियों के बयान दर्ज हैं, जिनके साथ डेरा में गलत हुआ था। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक पीड़ित साध्वी ने 27 जुलाई 2006 को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कर बताया कि वह साल 1999 में सिरसा स्थित डेरा की अनुयायी बनी।
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दो साल तक उसने डेरे की सेवा की। चार्जशीट में दर्ज बयान के मुताबिक डेरा में एक गुफा है, जिसके दो गेट सत्संग हाल में खुलते हैं। जबकि एक गेट वहां की रहने वाली गर्ल्स हास्टल की ओर खुलता है। जब बाबा आते हैं तो वहां के पहरेदारी की ड्यूटी साध्वियों की लगती थी। साध्वी ने बताया कि कुछ साध्वी अक्सर उससे कहती थी कि बाबा ने उन्हें माफ कर दिया है। जब वह इसका मतलब पूछती तो अक्सर साध्वी हंसकर बात को टाल देती थी, लेकिन उसका मतलब नहीं बताती है।
साल 1999 में 28-29 अगस्त को प्रबंधक सुदेश ने उससे कहा कि बाबा ने उसे अपनी गुफा में बुलाया है। जब वह गुफा में गई तो बाबा अकेले बैठे थे। बाबा ने उससे कहा कि दरवाजा बंद कर दो। उसके बाद वह नीचे बैठ गई। बाबा ने उससे कहा कि नीचे नहीं मेरे पास आकर बैठो। बाबा ने उससे डेरा के अनुभव के बारे में पूछा। साथ में कुछ लेटर भी दिखाए, जिसे एक युवक ने साध्वी को लिखे थे।
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ram rahim
- फोटो : File Photo
बाबा ने कहा कि उस युवक के बारे में बिल्कुल परेशान न हों। अब तुम एक साध्वी बन चुकी हो। तन और मन बाबा का हो चुका है। उसके बाद बाबा ने उसे छूना शुरू कर दिया। एतराज जताने पर बाबा ने धमकी देते हुए कहा कि अफसर और नेता सब मेरे संपर्क में हैं। मेरा कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। साध्वी ने कई बार विरोध किया, लेकिन वह बाबा के चंगुल से बच नहीं पाई और उसका रेप कर दिया। जाते वक्त भी उसे धमकी दी गई कि यदि उसने कुछ बोला तो उसके और उसके परिवार के साथ अच्छा नहीं होगा।
चार्जशीट में दर्ज बयान के मुताबिक करीब एक साल फिर से उसे गुफा में बुलाया गया। उसने जाने से मना कर दिया। इस पर उससे कहा गया कि यदि वह नहीं गई तो उसे खाना नहीं मिलेगा। डर के कारण वह दोबारा से गुफा में चली गई और उसके साथ दोबारा रेप हुआ। इस बार उसने कहा कि वह अपने भाई को सबकुछ बता देगी। साध्वी का भाई भी डेरा में 20 सालों से सेवा कर रहा था। इस पर बाबा ने कहा कि उसका भाई मेरा कट्टर समर्थक है। वह तुम्हारी बातों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करेगा।
पांच महीने बाद उसे फिर से बुलाया गया। बाबा ने फिर से धमकी और कहा कि यदि उसने बताया तो वह उसके पूरे परिवार को खत्म कर देगा। लेकिन साध्वी ने हिम्मत जुटाकर अपने भाई को सब कुछ बता दिया। उसके बाद उसका भाई अपनी दोनों बच्चियां, जो डेरा में रहती थी और साध्वी को लेकर डेरा से चला गया।
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गुरमीत राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
एक अन्य साध्वी ने चार मई 2006 को फतेहाबाद में बयान दर्ज कराया कि उसने जुलाई 1998 में डेरा सच्चा सौदा ज्वाइन किया। उसके साथ उसकी बहन भी थी। दोनों की ड्यूटी गर्ल्स हास्टल से गुफा जाने वाले रास्ते की पहरेदारी में लगती थी।
ड्यूटी का समय रात आठ से 12 और 12 से सुबह चार बजे तक रहता था। एक दिन उसकी भी पहरेदारी में ड्यूटी लगी। एक दिन जब उसकी पहरेदारी में ड्यूटी लगी थी तो उसको सूचना दी गई कि उसे बाबा ने बुलाया है। वह बाबा को भगवान मानती थी। उसने सोचा कि बाबा को उससे कोई काम होगा। जब वह गई तो उससे कहा गया कि दरवाजा बंद कर दे और पास आकर बैठे। बाबा ने उससे डेरा के बारे में पूछा। कुछ देर बाद बाबा ने उसे छूना शुरू कर दिया। उसके बाद उससे रेप किया। रेप के बाद उसे भी धमकी दी गई कि यदि उसने इसके बारे में बताया तो अच्छा नहीं होगा। गुफा से निकलने के बाद साध्वी ने अपने पैरेंट्स को बताया और उसी दिन वह अपनी बहन के साथ डेरा छोड़कर चली गई।
बहुत मुश्किल से इन साध्वियों को सीबीआई ने ट्रेस किया
सीबीआई ने आरोपी बाबा राम रहीम के खिलाफ 12 दिसंबर को 2002 को आईपीसी की धारा 376, 506, और 509 के तहत मामला दर्ज किया था। जांच शुरू होने के बाद सीबीआई ने डेरा प्रबंधकों से साध्वी की लिस्ट मांगी गई। साल 2005 को तीन लिस्ट मिली। लिस्ट के मुताबिक 53 साध्वी सतनाम गर्ल्स हास्टल में रहती हैं, जबकि 80 साध्वी डेरा सच्चा सौदा सिरसा के आश्रम में रहती थी। जबकि 1997-2002 के दौरान 24 साध्वी डेरा छोड़ चुकी थीं। इनमें से 18 को सीबीआई ने ट्रेस किया।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम
- फोटो : File Photo
जब कुछ को पकड़ा तब साध्वियों ने बयान दर्ज किए
जिन साध्वियों ने बयान दर्ज कराए हैं, वे सभी डरी हुई थीं। वे अपना मुंह नहीं खोलना चाहती थीं। जब सीबीआई ने डेरा के मैनेजर इंदर सेन, अवतार सिंह, प्रबंधक कृष्ण लाल पर शिकंजा कसा तो साध्वियों ने अपने बयान दर्ज कराए।
यौन शोषण के शिकार एक साध्वी के भाई की डेरा प्रमुख के खास लोगों ने हत्या कर दी थी। उस मामले की जांच भी सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है कि साल 1948 में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना हुई थी। 1990 में बाबा गुरमीत सिंह चीफ बने। पुराना डेरा 25 एकड़ में बसा था, जबकि नया डेरा 600 एकड़ भूमि में बसा है, जो करीब पांच किलोमीटर एरिया में फैला हुआ है। जहां बाबा रहते हैं, उसे गुफा कहते हैं।