फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विजिलेंस मुख्यालय में CBI का छापा: होटल और रीडर के घर से रिकॉर्ड कब्जे में लिए, CCTV फुटेज और डीवीआर खंगाले

Thu, 14 May 2026 08:43 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मलोट में स्टेट टैक्स अधिकारी से रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर विजिलेंस विभाग के डीजी और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
सीबीआई - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीबीआई चंडीगढ़ की टीम ने बुधवार देर शाम एक बार फिर पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर सेक्टर-23 में दबिश दी। टीम ने यहां कई घंटों तक जांच-पड़ताल की। इसके साथ ही सीबीआई अधिकारियों ने विजिलेंस विभाग के डीजी के रीडर ओपी राणा के आवास और सेक्टर-34 स्थित एक पांच सितारा होटल में भी कार्रवाई की।

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने तीनों स्थानों पर करीब चार घंटे तक गहन जांच की। इस दौरान होटल और अन्य जगहों से चार डीवीआर, सीसीटीवी फुटेज और कई इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए हैं। जांच एजेंसी इन रिकॉर्ड और फुटेज के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक टीम ने होटल में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों और वहां हुई बैठकों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले। वहीं विजिलेंस हेडक्वार्टर में कई दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच की गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि विजिलेंस डीजी के रीडर ओपी राणा की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है। हालांकि सीबीआई की ओर से अभी तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

विज्ञापन

सीबीआई ने विजिलेंस डीजी से पूछताछ का स्टेट पुलिस को दिया नोटिस

मलोट में स्टेट टैक्स अधिकारी से रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर विजिलेंस विभाग के डीजी और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है।

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार बिचौलिए राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में विजिलेंस विभाग के कई अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को कुछ ऐसे सुराग भी मिले हैं जो सीधे विजिलेंस डीजी तक पहुंचते हैं। हालांकि इनकी पुष्टि पूछताछ के बाद ही हो सकेगी।

मामले में अदालत ने राघव गोयल और विकास गोयल को तीन दिन के सीबीआई रिमांड पर भेजा है जबकि तीसरे आरोपी अंकित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रिमांड के पहले दिन सीबीआई ने राघव और विकास गोयल से करीब छह घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान विजिलेंस डीजी के रीडर ओपी राणा से उनके संबंधों और संपर्कों को लेकर भी सवाल किए गए।

सूत्रों के अनुसार जांच में ओपी राणा की भूमिका और उसके संपर्कों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। फरार होने के बाद उसकी आखिरी लोकेशन हरियाणा के अंबाला में ट्रेस हुई है। सीबीआई को पता चला है कि उसने अंबाला में एक एटीएम से नकदी निकाली थी। अब एजेंसी एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके।

विजिलेंस के कई अधिकारी रडार पर

सीबीआई रिश्वत मामले में पूरे नेटवर्क और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट और डिजिटल सबूतों के आधार पर कई और अधिकारियों व कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें