चंडीगढ़। हेरोइन तस्करी में फंसाने की धमकी देकर 14 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई ने तीन पुलिसकर्मियों समेत बिचौलिए रजत के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में तीन पुलिसकर्मियों समेत बिचौलिए रजत को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। बता दें कि 15 जून 2020 को मलोया निवासी दीपक साहनी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। उस दिन दीपक अपने घर के पास दोस्तों के साथ बैठा था। कोरोना की सख्ती के चलते पुलिस के आने पर दीपक अपने घर भाग गया। आरोपी रजत पुलिस का नाम लेकर दीपक को बीट बॉक्स ले गया। जहां पर कांस्टेबल नसीम खान और कृष्ण मलिक ने उसे हेरोइन बेचने का पर्चा दर्ज करने की धमकी दी। रजत ने दीपक से छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपये मांगे। उसके बाद 14 हजार रुपये में समझौता तय हुआ। इसी बीच दीपक ने मामले की सूचना सीबीआई को दे दी। सीबीआई ने ट्रैप लगाकर 19 जून को रजत को गिरफ्तार कर लिया था। 24 जुलाई को आरोपी ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे 29 जुलाई को सीबीआई अदालत ने एक लाख रुपये की गारंटी पर मंजूर कर दिया था।
सीजीएसटी के सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ भी चार्जशीट
6 नवंबर 2020 को सीबीआई ने सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) के सुपरिंटेंडेंट को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा था। गिरफ्तारी के बाद देर रात तक सीबीआई ने आरोपी से पूछताछ भी की थी। इसके साथ ही ऑफिस व घर से कई फाइलें भी जब्त की थीं। सीजीएसटी सुपरिंटेंडेंट विजय सेहरा एक ऑटो चालक से सर्विस टैक्स के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। ऑटो चालक ने सुपरिंटेंडेंट को बताया कि 50 हजार रुपये देने की उसकी हैसियत नहीं है, लेकिन सुपरिंटेंडेंट रिश्वत लेने पर अड़ा रहा। ऑटो चालक ने कुछ कम करने को कहा। इसके बाद मामला 20 हजार रुपये में तय हुआ। इस दौरान ऑटो चालक ने सीबीआई को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण के बारे में बता दिया। ऑटो चालक से मिले सुबूतों के आधार पर सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और सुपरिंटेंडेंट को पैसे लेने के लिए बुलवाया। सुपरिंटेंडेंट सेक्टर-17 पहुंचकर जैसे ही पैसे लेने लगा तो सीबीआई ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।