राम रहीम के साथ हनीप्रीत (फाइल फोटो)
आरोप है कि बाइक पर आए कुलदीप ने गोली मारकर रामचंद्र प्रजापति की हत्या कर दी थी, उसके साथ निर्मल भी था। छत्रपति ने अपने सांध्य कालीन समाचार पत्र पूरा सच में इस संबंध में अनाम साध्वी का पत्र प्रकाशित किया था और पूरे मामले का खुलासा किया था।
इस मामले में 2003 में एफआईआर दर्ज हुई थी और 2006 में मामला सीबीआई के सुपुर्द किया गया था। इन साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में ही गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल में 20 वर्ष कैद की सजा भुगत रहा है।
बेटे ने कहा, हमें भरोसा है इंसाफ मिलेगा
रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमने एक ताकतवर दुश्मन के खिलाफ इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी है। हमें उम्मीद है कि 16 साल बाद अब पिता की हत्या के मामले में इंसाफ मिलेगा। अंशुल छत्रपति ने कहा कि इस मामले में सीबीआई के वकीलों ने पूरे संजीदा तरीके से पैरवी की है।
इस मामले की बहस पूरी हो चुकी है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या लाइसेंसी रिवाल्वर से की गई थी। रामचंद्र की हत्या दिनदहाड़े सिरसा में बीच सड़क पर की गई थी। दोनों आरोपियों कुलदीप और निर्मल को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। छत्रपति ने ही साध्वियों से दुष्कर्म के मामले का खुलासा किया था।
गौरतलब है कि 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति पर हमला कर उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया था। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रामचंद्र छत्रपति जिंदगी की लड़ाई हार गए, लेकिन उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने हार नहीं मानी और सीबीआई जांच की मांग के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
नवंबर 2003 में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और दिसंबर में इस केस की जांच शुरू हो गई थी। हालांकि 2004 में डेरा सच्चा सौदा ने यह जांच रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम की याचिका खारिज कर दी।
करीब 16 साल इस केस की सुनवाई सीबीआई अदालत में चली और अब दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत नतीजे के बेहद करीब है। 11 जनवरी को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी।
यह वही अदालत है, जिसने गुरमीत राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। ऐसे में 11 जनवरी को यदि गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ कोई फैसला आता है तो सलाखों के पीछे बंद गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।