अवैध खनन के एक मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने पूर्व मंत्री समेत चार आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। सीबीआई कोर्ट ने फरीदाबाद के 246 करोड़ रुपये के अवैध खनन मामले में प्रदेश के पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला पंचकूला की सीबीआई अदालत में सबसे पुराना था।
फरीदाबाद स्थित एक पत्रकार सुभाष शर्मा ने फरीदाबाद में अवैध खनन की जांच के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से अपील की थी। उच्च न्यायालय ने 20 अप्रैल 2001 को सीबीआई को अवैध खनन की जांच करने का आदेश दिया था। सीबीआई ने 12 सितंबर 2001 को मामला दर्ज किया। मामले में उच्च न्यायालय द्वारा वकील आरएस बैंस को लोकल कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया था, जिन्होंने भड़ाना के खिलाफ रिपोर्ट भी दी थी।
इसके बाद चार्जशीट भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 379 (चोरी) के तहत दायर की गई थी। खनन फरीदाबाद की इश्क मंडी और अनंगपुर इलाकों से संबंधित था।