चंडीगढ़। पासपोर्ट ऑफिस के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट राजीव खेत्रपाल और एक बिचौलिए की ओर से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में शनिवार को जिला अदालत में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। दरअसल, राजीव खेत्रपाल ने अदालत में याचिका दायर कर जमानत की मांग की थी, जिस पर सीबीआई अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी जवाब दायर करने को कहा था। शनिवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अपना जवाब दायर करते हुए जांच के लिए और समय की मांग की। इसके बाद मामले को 23 अप्रैल के स्थगित कर दिया गया।
आरोपी राजीव खेत्रपाल के वकील ने जमानत याचिका में उल्लेख किया कि उनका क्लाइंट डेढ़ महीने से न्यायिक हिरासत में है। लॉकडाउन के कारण उनके मामले की सुनवाई में देरी हो सकती है तब तक उनका क्लाइंट जमानत का हकदार है। मामला 3 मार्च 2020 का है। जब मोहाली निवासी असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट राजीव खेत्रपाल और नयागांव निवासी बिचौलिया बलविंदर को सीबीआई ने गिरफ्तार कर सीबीआई अदालत में पेश किया था। जहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
आरोपी असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ने पासपोर्ट रिन्यू करवाने के दौरान लगी ऑब्जेक्शन को हटाने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। पंजाब के जिला संगरूर निवासी जगदीप सिंह ने एंटी करप्शन सेल को शिकायत में बताया था कि वह अपने परिवार के साथ संगरूर में रहते हैं। जनवरी 2020 में पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था। इस दौरान उनके पासपोर्ट में किसी तरह की ऑब्जेक्शन लग गई। इसके बाद सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट दफ्तर के बाहर बिचौलिया बलविंदर सिंह से उनका संपर्क हुआ। बलविंदर ने उन्हें झांसे में लेकर कहा कि वह उनके पासपोर्ट को जल्द रिन्यू करवा देगा। इसके एवज में उन्हें 25 से 30 हजार रुपये देने होंगे। शिकायत के बाद एंटी करप्शन सेल ने सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट कार्यालय के पास जाल बिछाकर आरोपी बिचौलिया बलविंदर सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। बाद में आरोपी बलविंदर सिंह ने सीबीआई की पूछताछ में बताया था कि यह रकम पासपोर्ट ऑफिस के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट राजीव खेत्रपाल को जानी थी। सीबीआई ने बलविंदर के मोबाइल से राजीव खेत्रपाल को फोन लगवाकर इस पूरे मामले में उसकी संलिप्तता का भंडाफोड़ करवाया था। इसके बाद राजीव खेत्रपाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।