चैत्रीय नवरात्र का 31 मार्च दिन सोमवार से रेवती नक्षत्र और मीन राशि में शुभारंभ हो रहा है। सात बजकर 17 मिनट तक चंद्रमा की होरा और अमृत का चौघड़िया होने के कारण यह समय दुर्गा पूजन और कलश स्थापन के लिए शुभ है। सुबह छह बजकर 17 मिनट से सात बजकर 29 मिनट तक कलश स्थापना के लिए शुभ समय है।
अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं
सुबह सात बजकर 30 मिनट से सुबह नौ बजे तक राहु काल है। किसी कारणवश उक्त समय पर कलश स्थापना न हो सके तो नौ बजकर 22 मिट से 10 बजकर 53 मिनट तक शुभ की चौघड़िया में कर सकते हैं। इसके बाद दोपहर 12 बजकर दो मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं। यह कहना है सेक्टर-30 स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का। इस दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व है।
कन्या पूजन का महत्व
एक कन्या के पूजन से ऐश्वर्य, दो से मोक्ष, तीन से धर्म अर्थ काम की प्राप्ति, चार से राज्यपद की प्राप्ति, पांच से विद्या, छह से षटकर्म की प्राप्ति होती है। सात से राज्य की, आठ से संपदा और नौ कन्याओं के पूजन से पृथ्वी की प्राप्ति होती है।
चंडीगढ़ के लिए नवरात्र शुभ...
सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे, सेक्टर-15 के जय श्रीराम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र और सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि सोमवार को सुबह मीन लग्न और मीन राशि में नवरात्र का शुभारंभ होने के कारण चंडीगढ़ के लिए बहुत ही शुभ है। चंडीगढ़ की मीन राशि और मीन लग्न में नवरात्र का आरंभ और लग्न का स्वामी चौथे भाव में होने के कारण बहुत ही शुभकारक है।
नेता ऐसा करेंगे तो चुनाव में मिलेगी जीत
बीरेंद्र नारायण मिश्र का कहना है कि इस वर्ष नवरात्र में चुनाव होने के कारण मीन लग्न में नवरात्र का प्रवेश और चौथा नवरात्र गुरुवार को है। इस लिए राजनेता तीन दिन का उपवास करके चौथे दिन मां भगवती का पूजन करके चार कन्याओं को पूजन करें व भोजन कराए तो विजय निश्चित है।