किसानों पर अभी केवल जुर्माना...एफआईआर नहीं
कुरुक्षेत्र में पराली जलाने के अब तक 41 मामले सामने आए हैं। इनमें 34 किसानों पर जुर्माना लगाया गया। अभी तक कोई एफआईआर नहीं हुई है। करनाल में 13 में से सात किसानों पर 30 हजार जुर्माना लगा। कैथल में तीन, पानीपत में छह, यमुनानगर में आठ व अंबाला में दो किसानों पर जुर्माना लगाया गया।
फतेहाबाद में 6 किसानों से 9 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है। सोनीपत में सोमवार को सैटेलाइट से गांव जांटी कलां में पराली जलाने की लोकेशन मिली। रविवार देर शाम तीन जगह सूचना मिली थीं। जांच के बाद गांव भठगांव व जैनपुर के दो किसानों पर 2500-2500 जुर्माना लगाया गया। जींद के छात्तर गांव के किसान अजय व सिलाखेडी के किसान पर भी जुर्माना लगाया गया।
पंजाब में सबसे ज्यादा जल रही पराली
पंजाब में धान कटाई के बीच ही पराली जलनी शुरू हो गई है। 15 सितंबर से धान कटाई शुरू हुई है लेकिन बीते 16 दिनों के भीतर ही पराली जलाने के 342 मामले सामने आ चुके हैं। अमृतसर में सबसे ज्यादा 86 स्थानों पर पराली जली है। सरकार के तमाम दावों के बावजूद पराली जलाने के मामलों में अंकुश नहीं लग पा रहा है। 2021 में एक अक्तूबर तक 228 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2022 में इनकी संख्या 192 थी।