गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल से लाइव इंटरव्यू के मामले को देश का पहला ऐसा मामला बताते हुए इसकी केंद्रीय जांच एजेंसियों से निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। रजिस्ट्री में दाखिल की गई इस याचिका पर हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होगी।
याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट गौरव भइय्या ने हाईकोर्ट को बताया कि 14 मार्च 2023 को एक निजी चैनल पर शाम पांच बजे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोइ का लाइव इंटरव्यू प्रसारित किया गया था। याची ने बताया कि बिश्नोई के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वर्तमान में वह पंजाब की बठिंडा जेल में बंद है।
लॉरेंस का इंटरव्यू जिस प्रकार से प्रसारित किया गया था वह दर्शाता है कि इसके लिए पूरे स्टूडियो की व्यवस्था की गई थी। जेल मैनुअल के अनुसार किसी कैदी को मोबाइल, इंटरनेट व इस प्रकार की अन्य सुविधाओं की मनाही है बावजूद इसके इस प्रकार का इंटरव्यू पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
लॉरेंस के खिलाफ केवल हरियाणा व पंजाब में हर नहीं बल्कि पूरे देश में मामले दर्ज हैं। इस मामले में अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने में जुटे हैं। इंटरव्यू साफ दर्शाता है कि जेल इस प्रकार के अपराधियों के लिए सेफ होम बने हैं, जहां उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
इंटरव्यू दर्शाता है कि कैसे गैंगस्टर जेल से अपनी मार्केटिंग कर रहे हैं और न्यायिक संस्थानों का मजाक बना रहे हैं। याची ने अपील की है कि इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी को उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया जाए और इस नाकामी के लिए दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाए है।