चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए मंजूर तीन छात्रावासों के गायब होने का मामला गर्माता जा रहा है। छात्रों को इस बात का पता चला तो वे हैरान होने के साथ-साथ आक्रोश में हैं। वे सोमवार को पीयू प्रशासन को ज्ञापन देकर जांच की मांग करेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार से लेकर एससी-एसटी आयोग को भी पत्र लिखेंगे। यदि पीयू ने विद्यार्थियों को सही जवाब नहीं दिया तो इसको लेकर प्रदर्शन भी होंगे।
पीयू में एससी-एसटी के विद्यार्थियों के लिए तीन छात्रावास मंजूर हुए थे, लेकिन पीयू प्रशासन ने एक भी नहीं बनाया। एक छात्रावास की रकम तो दूसरे छात्रावास के निर्माण में लगा दी। यह छात्रावास एआईसीटीई की ओर से मंजूर किया गया था। दो करोड़ रुपये इसके लिए मिले थे। बाकी दो छात्रावासों के लिए कितनी रकम आई और उसका उपयोग कहां किया गया, यह किसी को पता नहीं। अमर उजाला ने इस प्रकरण का खुलासा किया तो विद्यार्थी ही नहीं शिक्षक, कर्मचारी भी हैरत में हैं। अब सभी ने निर्णय लिया है कि पीयू इस पर जांच कराए और पुख्ता जानकारी दे अन्यथा की स्थिति में इसको लेकर प्रदर्शन होंगे। अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन के चेयरमैन गुरदीप सिंह का कहना है कि पीयू ने यह गलत किया है। वे वीसी को ज्ञापन देकर इस प्रकरण की जांच की मांग करेंगे। साथ ही आगे की रणनीति भी बनाएंगे।