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डॉक्टर से साइबर ठगी: फोन पर कहा-आपके नाम से ड्रग पार्सल ताइवान जा रहा, खाते से उड़ा लिए 1.23 लाख रुपये

Wed, 13 Sep 2023 09:39 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शिकायतकर्ता को आरोपी ने महिला डॉक्टर का आधार नंबर और पार्सल नंबर भी बताया। यह पार्सल किसी झांग लिन का बताया गया। पार्सल में दो जूतों की जोड़ी, 3 किलो कोट, एक लैपटॉप, तीन क्रेडिट कार्ड और 240 ग्राम चरस है। पार्सल मुंबई कस्टम विभाग के पास पड़ा है। वह उनकी बात नारकोटिक्स विभाग अधिकारी से करवाएगा।
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cyber fraud new - फोटो : istock
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विस्तार
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चंडीगढ़ में जीएमसीएच-32 के सर्जरी विभाग में सीनियर रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को मुंबई के कस्टम और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अधिकारी बताते हुए फोन पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से ताइवान जा रहा है। इसमें चरस भी है। 

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इस तरह डराकर महिला डॉक्टर के बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली और बचने के लिए रकम ट्रांसफर करने को कहा। जब तक महिला डॉक्टर कुछ समझ पाती उनके खाते से 1,23,426 रुपये की ठगी हो चुकी थी। साइबर अपराध पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में महिला डॉक्टर ने एसएसपी को शिकायत दी थी जिसके बाद थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।

खुद को फैडेक्स कर्मी बता कहा-पार्सल में चरस है
शिकायतकर्ता डॉ. अर्शनूर कौर ने कहा कि उन्हें बीते एक जून को एक नंबर से कॉल आई और कॉलर ने कहा कि वह किसी पैकेज डिलीवरी सेवा से बात कर रहे हैं। इसके बाद कॉल आगे कनेक्ट की गई और उन्हें बताया गया कि मुंबई फैडेक्स से कोई राहुल बात कर रहा है। शिकायतकर्ता से पूछा गया कि क्या उन्होंने मुंबई से ताइवान कोई पार्सल भेजा था। 
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शिकायतकर्ता ने मना किया मगर उन्हें बताया गया कि पैकेज पर उनका नंबर, नाम और आधार नंबर है। शिकायतकर्ता को आरोपी ने महिला डॉक्टर का आधार नंबर और पार्सल नंबर भी बताया। यह पार्सल किसी झांग लिन नामक व्यक्ति का बताया गया। कहा गया कि पार्सल में दो जूतों की जोड़ी, 3 किलो कोट, एक लैपटॉप, तीन क्रेडिट कार्ड और 240 ग्राम चरस है। इसके बाद आगे कहा गया कि पार्सल मुंबई कस्टम विभाग के पास पड़ा है। वह उनकी बात नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी से करवाएगा और उन्हें सारी जानकारी देनी होगी ताकि मुंबई अंधेरी ईस्ट शाखा से फैक्स कॉपी फैडेक्स को पहुंचाई जा सके ताकि उनके नाम से आगे भेजे जाने वाले गैरकानूनी पार्सल को रोका जा सके।

सीबीआई का सर्टिफिकेट भेज 98,426 रुपये ट्रांसफर करने को कहा
ठगों ने शिकायतकर्ता को स्काईएप डाउनलोड करने को कहा ताकि आगे इस संबंध में बात की जा सके। यह भी कहा कि या तो वह मुंबई पुलिस से संपर्क करें या फिर ऑनलाइन शिकायत देकर मामला सुलझाएं। शिकायतकर्ता को स्काईएप डाउनलोड करवाकर आरोपी कॉलर ने एंटी-नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो सर्च करने को कहा। शिकायतकर्ता से एप पर बात करते हुए उनकी पूरी जानकारी ली और सीबीआई का एक सर्टिफिकेट शिकायतकर्ता को भेजा। 

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इसमें डीसीपी साइबर क्राइम डॉ. बालसिंग राजपूत का नाम था। इसके बाद सीबीआई का सर्टिफिकेट भेजकर कहा कि 98,426 रुपये ट्रांसफर करने होंगे। शिकायतकर्ता को कहा कि उनके आधार कार्ड से तीन मनी लांडरिंग के खाते चल रहे हैं। इसके बाद शिकायतकर्ता के बैंक खातों से जुड़ी जानकारी हासिल की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके एसबीआई, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंकों से गूगल पे, पेटीएम और नेट बैंकिंग की सेवाएं चल रही हैं।
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कहा- फोन सर्विलांस पर है, किसी से बात की तो वह भी फंस जाएगा
आरोपी ने खुद को एनसीबी का अधिकारी बताते कहा कि यस बैंक पर 98,426 रुपये जमा करवाएं। आगे कहा कि बाकी खातों से भी रकम भेजें वरना वह खाते फ्रीज हो जाएंगे। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपी के कहने का अंदाज काफी डराने वाला था और डर कर वह जैसा कहता रहा वह करती गई। इसके बाद शिकायतकर्ता को एसबीआई योनो से 25 हजार रुपये जमा करवाने को कहा मगर तीनों प्रयास विफल रहे। 

इसके बाद आरोपी ने अन्य खाते में रकम ट्रांसफर करने को कहा। आगे कहा कि वह वित्तीय प्रबंधक से बात करेगा और रकम कुछ देर में वापस क्रेडिट हो जाएगी मगर कहा कि कुछ देर तक वह अपने मोबाइल से कोई कॉल या संदेश नहीं कर सकती क्योंकि उसका नंबर सर्विलांस पर है। अगर उन्होंने किसी को कॉल की तो वह भी फंस जाएगा। आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसकी आधार कार्ड और पासपोर्ट फोटो भी पहचान के लिए ली। वहीं ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट और बैंक की जानकारी भी हासिल की। आरोपी के पूछने पर शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने फरवरी महीने में मुंबई विजिट की थी और एक होटल में अपनी आधार आईडी का प्रयोग किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है।

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