-जेल अधीक्षक पर गैर कानूनी तरीके से इस सड़क को बंद करने का याचिका में लगाया है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अंबाला जेल अधीक्षक द्वारा केंद्रीय जेल रोड को नाकेबंदी कर बंद करने के चलते स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी की दलील देते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, अंबाला के डीसी, एसपी व आईजी जेल को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
गैर कानूनी तरीके से जेल रोड बंद करने का आरोप लगाते हुए एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने इसे खोलने का निर्देश जारी करने की अपील की है। याची ने बताया कि उसने पत्र लिखकर जेल अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारियों को रोड खोलने का आग्रह किया लेकिन इसे नहीं खोला गया। इसके बाद वीरेश शांडिल्य एवं सेक्टर-1 के सैकड़ों निवासियों ने एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रोड को खोलने की मांग की। एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने हाई कोर्ट को बताया कि सुरक्षा के कारण रोड बंद नहीं किया जा सकता। इसके लिए पुलिस व जेल विभाग के पास तमाम सुरक्षा करने के आधुनिक तरीके उपलब्ध है। सुरक्षा के नाम पर जनता के संवैधानिक हकों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता। याचिका में हरियाणा सरकार, आईजी जेल, अंबाला के डीसी, एसपी, जेल अधीक्षक व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया था। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पक्ष की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।