उन्होंने अदालत में बयान दिया कि वह आरोपी और पीड़िता के नाम साठ गज जमीन कर देंगे। साथ ही पीड़िता के खाते में हर 15 तारीख को पांच हजार रुपये जमा करवाएंगे। इसके बाद 6 नवंबर 2015 में आरोपी और पीड़िता की शादी हो गई। इसके बाद आरोपी अदालत से बरी हो गया।
आरोपी के अदालत से बरी होने के बाद आरोपियों ने पीड़िता के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी और परेशान करने लगे। आरोपियों ने बयान में कही शर्तें भी नहीं मानी। शर्तें मानने की बजाय आरोपियों ने पीड़िता को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता ने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के बाद आरोप सही पाए गए।
आरोपी के पिता की अप्रैल 2019 में मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों मां-बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई निशान सिंह ने बताया कि आरोपियों के घर छापामारी की गई थी लेकिन आरोपी नहीं मिले। उनके घर परिजनों को नोटिस थमा दिया गया है। जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।