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Chandigarh News: पुलिस हिरासत में युवक की मौत, सीबीआई ने अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर

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-एक मंत्री की मौजूदगी में मृतक की पत्नी और आरोपी पुलिसकर्मियों के बीच समझौते का है आरोप
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-मृतक के पिता ने एसआईटी गठित करने की मांग को लेकर दाखिल की थी याचिका

-सीबीआई ने इंस्पेक्टर विनीत खासा को सौंपा है जांच का जिम्मा, हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस पर दिखाया था अविश्वास
अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। जींद निवासी युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। इस मामले में जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर विनीत खासा को सौंपी गई है। यह जानकारी सीबीआई की ओर से सोमवार को हाईकोर्ट में दी गई। हाईकोर्ट ने अब 3 सप्ताह में इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का सीबीआई को आदेश दिया है। जींद निवासी जयनारायण ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उनके बेटे पप्पी पर 13 अप्रैल 2022 को जुलाना में एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया था और उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद पप्पी को बेरहमी से प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसे 17 अप्रैल, 2022 को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया और उसकी मृत्यु हो गई। याची ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि उसके बेटे के शरीर पर गंभीर चोटें थी। याची ने बताया कि हरियाणा सरकार के एक मंत्री की उपस्थिति में मृतक की पत्नी के साथ पुलिस का समझौता करवाया गया और याची को वित्तीय लाभ भी प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि उसे पता चला है कि समझौते के अनुसार अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और न ही पुलिस द्वारा कोई जांच की गई है। याची ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की अपील की थी और निवेदन किया था कि इसका मुखिया वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बनाया जाए क्योंकि एसपी समझौते में पक्ष हैं। हाईकोर्ट में डीजीपी ने हलफनामा दाखिल किया था लेकिन इससे हाईकोर्ट ने असंतुष्ट व पुलिस पर अविश्वास जताते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
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