कोई भी कस्टमर सामान खरीदने के बाद उसे हाथ में लेकर नहीं जा सकता, उसे कैरीबैग की जरूरत पड़ेगी ही। कैरीबैग के लिए कस्टमर पर अलग से बोझ नहीं डाला जा सकता। ऐसी कंपनियों के देश भर में कई स्टोर होंगे, जिससे वह काफी पैसे कमाते होंगे। इस तरह कैरीबैग के लिए भोले भाले लोगों से चार्ज करना सेवा में कोताही है। यह टिप्पणी उपभोक्ता फोरम ने लाइफस्टाइल और अनलिमिटेड स्टोर के खिलाफ आदेश देते हुए किए हैं। साथ ही फोरम ने कैरी बैग के पैसे लेने पर दोनों स्टोर्स पर जुर्माना भी लगाया है।
उपभोक्ता फोरम ने लाइफस्टाइल के केस में कैरीबैग के लिए चार्ज किए 10 रुपये की राशि रिफंड करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए एक हजार रुपये मुआवजा और 500 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सेक्रेटरी, माननीय स्टेट कमीशन यूटी चंडीगढ़ के कंज्यूमर लीगल ऐड अकाउंट में 10 हजार रुपये जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन आदेशों की पालना करनी होगी।
आदेश की कॉपी जरुरी कार्रवाई के लिए सेक्रेटरी (एससीडीआरसी) को भी भेजी गई है। सेक्टर-40सी चंडीगढ़ निवासी केतन चोपड़ा ने फोरम में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के लाइफस्टाइल स्टोर के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने उक्त स्टोर से कुछ जरूरी सामान खरीदा और पेमेंट के लिए बिलिंग काउंटर पर गए। काउंटर में उन्हें बताया गया कि कैरीबैग के लिए उन्हें 10 रुपये एक्स्ट्रा चार्ज करने होंगे।
शिकायतकर्ता ने इस पर विरोध भी जताया और कहा कि कैरीबैग शॉपिंग के लिए जरूरी है, इसलिए बिना कोई शुल्क इसे दिया जाना चाहिए, लेकिन स्टोर की तरफ से इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद ही उन्होंने इस संबंध में फोरम में शिकायत दी। शिकायत का नोटिस दूसरे पक्ष को उनका पक्ष जानने के लिए भेजा गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई पेश नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें एकतरफा करार दिया गया।
अनलिमिटेड स्टोर के खिलाफ भी उपभोक्ता फोरम ने सुनाया आदेश
कैरी बैग
- फोटो : फाइल फोटो
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित अनलिमिटेड स्टोर को भी कैरीबैग के लिए चार्ज करना महंगा पड़ गया है। फोरम ने स्टोर को निर्देश दिए हैं कि वह गलत रूप से चार्ज की गई 7.25 रुपये की राशि शिकायतकर्ता को लौटाए। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 500 रुपये मुआवजा और 500 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन आदेशों का पालन करना होगा, नहीं तो रिफंड और मुआवजा राशि पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा।
ये आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के दौरान जारी किए। सेक्टर-61 चंडीगढ़ निवासी कलम दीप मेहता ने फोरम में अनलिमिटेड, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 चंडीगढ़ के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने इसी वर्ष 13 जनवरी को उक्त स्टोर से कुछ प्रोडक्ट खरीदे। बिल पे करने के बाद उन्हें पता चला कि उन्हें कैरीबैग के लिए 7.25 रुपये चार्ज किए गए। इसके चलते ही उन्होंने स्टोर पर सेवा में कोताही का आरोप लगाते हुए इस संबंध में फोरम में शिकायत दी।
कंपनी का लोगो प्रिंट न हो, तब भी नहीं चार्ज कर सकते पैसे
अगर कैरीबैग सादा हो तो भी कंपनी उसके लिए पैसे नहीं ले सकती है। फोरम ने साफ कहा है कि सामान को हाथ में नहीं ले जा सकते, उसे कैरीबैग मुहैया कराना स्टोर की जिम्मेदारी है। वह चाहे प्रिंटेड बैग दें या सादा। बाटा के मामले में फोरम ने अपने आदेशों में कहा था कि कंपनियां उपभोक्ताओं को अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। यह धोखा के साथ अन्याय है।
कैरीबैग लेने पर अब तक इन कंपनियों पर लग चुका है जुर्माना
बिग बाजार - 11 हजार 518 रुपये
डॉमिनोज - 5 लाख रुपये
लाइफस्टाइल - 13 हजार रुपये
वेस्टसाइड - 13 हजार रुपये
डोमिनॉज - 10 हजार 500 रुपये
बाटा - 11 हजार रुपये