आज लोगों के हाथ में स्मार्ट फोन हैं और उसमें हैं कई वीडियो गेम्स ऐप्स। इन्हें डिजाइन करने वाले शहर के कुछ युवा डेवलेपर्स से हमने जाना ऐप्स मेंकिंग से जुड़ी तकनीक और चैलेंज के बारे में। ज्यादातर ऐप डिजाइनर्स की एक ही राय थी कि चैलेंज के साथ साथ इस फील्ड में करियर की भी अपार संभावनाएं हैं।
कांसेप्ट के हिसाब से तैयार होती हैं ऐप्स
शहर के आईटी पार्क में ऑलट्रिस्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में वेब डिजाइनर के तौर पर कार्यरत इंद्र सेन ने बताया कि वह कंपनी के लिए बड़े ब्रांड्स के लिए ऐप का निर्माण करते हैं।
एक ऐप बनाने के लिए पहले उसके कांसेप्ट को पता करना पड़ता है। अगर व्हाट्स ऐप का उदाहरण लिया जाए तो वह पहले सिर्फ प्रमोशनल सोशल ऐप थी, लेकिन उसके बाद उसे पेड करने की योजना बनी।
ऐसे ही एक ऐप की पहले पूरी योजना बनती है। एक कंप्यूटर एक्सपर्ट या जावा की जानकारी रखने वाला इसे आसानी से बना सकता है।
उन्होंने बताया कि शेयर बाजार की ऐप में लोगों को आजकल चल रहे टॉप के शेयर, कंपनी और उसकी बैकग्राउंड की जानकारी दी जाती है।
वीडियो गेम की ऐप 10 हजार से ज्यादा ने किया डाउनलोड
आईटी पार्क की ही एक कंपनी रिले स्ट्रेटजी प्राइवेट लिमिटेड में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत मोहित ने बताया कि ऐप डिजाइनिंग एक नए कैरियर के तौर पर देखा जा रहा है।
बीसीए और एमसीए के बाद कई स्टूडेंट अपनी ऐप बनाते हैं। मोहित ने बताया कि आजकल हर किसी के पास स्मार्ट फोन हैं इसलिए ऐप का ट्रेंड इतना बढ़ा है।
मोहित ने इसी वर्ष अपनी नई गेम माई वे भी बनाई है, जिसमें गाड़ियों की रेस होती है और मजेदार बात यह है कि इसमें गाड़ी आवाज से तेज चलती है, यूजर्स को गाड़ी की स्पीड बढ़ाने के लिए ऊंचा बोलाना पड़ेगा।
मोहित ने कहा कि आने वाले समय में ऐप डिजाइनिंग में काफी संभावनाएं हैं। आजकल कई युवा इस फील्ड में आ रहे हैं। अगर गेम का आइडिया अच्छा हो तो वह ऐप काफी आगे तक जाती है।
वीडियो गेम में टॉप फाइव ऐप्स
1- कैंडी क्रश
2- एंग्री बर्ड
3- 2048
4- टेंपल रन
5- एज ऑफ एंपायर