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चंडीगढ़ः कार पूलिंग पॉलिसी लटकी, अब केंद्र सरकार के फैसले पर टिकीं यूटी प्रशासन की नजरें

Fri, 11 Oct 2019 11:20 AM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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लगातार बढ़ रहे वाहनों की संख्या से निजात के लिए चंडीगढ़ में कार पूलिंग व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव फिलहाल लटक गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कार पूलिंग पॉलिसी के ड्राफ्ट को तैयार कर फिलहाल केंद्र को भेज दिया है। केंद्र ने सभी राज्यों व यूटी से कार पूलिंग का ड्राफ्ट मांगा है ताकि इसे देशभर में व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके। बता दें कि पहले चंडीगढ़ प्रशासन कार पूलिंग की व्यवस्था को प्रशासक के जरिए शहर में लागू कराना चाहता था, लेकिन केंद्र के फैसले के बाद अब यह फैसला दिल्ली से ही होगा।
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ऐसे में प्रशासन की नजरें अब केंद्र सरकार के फैसले पर टिक गई हैं। यूटी प्रशासन के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने कार पूलिंग का ड्राफ्ट तैयार किया है। ड्राफ्ट पॉलिसी के अनुसार यूटी प्रशासन चाहता है कि पहले स्कूलों और कॉलेजों के साथ-साथ गवर्नमेंट ऑफिस से ही कार पूलिंग की शुरुआत की जाए। इससे जहां लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण से भी बचा जा सकेगा। कार पूलिंग के लिए प्रशासन आम लोगों से बातचीत कर सहयोग लेगा। इसके बाद ही इसे शुरू करेगा।

प्रशासन कार पूलिंग के लिए किसी पर दबाव बनाने के मूड में नहीं हैं, बल्कि  शहर को सुंदर बनाने के लिए लोगों को स्वेच्छा से कार पूलिंग के लिए कहा जाएगा। चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के सभी सरकारी ऑफिस सुबह 9 बजे लगते हैं और शाम को 5 बजे इनकी छुट्टी होती है। ऐसे में एक ही जगह से ऑफिस आने वाले कर्मचारियों को कार पूल से कोई दिक्कत नहीं आएगी। प्रशासन चाहता है कि शहर में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी कॉमन प्रस्ताव पर काम किया जाए, लेकिन वहां नियम समान न होने के चलते थोड़ी दिक्कत है। प्रशासन का प्रयास है कि जब लोग एक ही कार्य स्थल पर जा रहे हों तो वह अपने वाहन को शेयर करें।
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ड्राफ्ट में कई महत्वपूर्ण चीजें

प्रशासन ने कार पूलिंग के लिए जो प्रस्ताव तैयार है, उसमें प्रमुख रुप से कार पूलिंग के लिए डेवलप की जाने वाली मोबाइल ऐप में लोकेशन मॉनिटरिंग के लिए ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के साथ पैनिक बटन को प्रमुख फीचर्स बताया गया है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए तैयार ऐप में पैनिक बटन का इमरजेंसी में इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिसे दबाने से पुलिस डिपार्टमेंट को एक अलर्ट चला जाएगा, जिससे वाहन को ट्रैक करने में सहायता मिलेगी। इसमें यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ड्राइवर और मालिक की होगी। इसके अलावा कार पूलिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन और ड्राइवर को कंपीटेंट अथॉरिटी के साथ रजिस्टर्ड करना होगा। इसमें ड्राइवर की पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी होगी।

चंडीगढ़ को इसलिए कार पूलिंग की जरूरत
चंडीगढ़ में तो वाहन लगातार बढ़ ही रहे हैं। बाहरी राज्यों के वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। सुबह और शाम के वक्त तो स्थिति बेहद खराब रहती है। सभी मुख्य मार्ग जाम की मार झेल रहे होते हैं। दक्षिण मार्ग पर दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों तो मध्य मार्ग पर हिमाचल और हरियाणा से आने वाले वाहनों का भार रहता है। जन मार्ग और अन्य मार्गों पर मोहाली की तरफ से आने वाले वाहन फंसे होते हैं। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए अब कार पूल की जरूरत है। जाम बढ़ने से लोग खुद कैब की तरफ जाने करने लगे हैं। यही कारण है कि शहर में कैब की संख्या 10 हजार से भी ज्यादा हो गई है।

 
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ड्राफ्ट पॉलिसी के प्रमुख बिंदु

- कार पूलिंग के लिए डेवलप की जाएगी मोबाइल ऐप
- केवल पिक एंड ड्राप की सुविधा मिलेगी
- सिटी में एरिया वाइज लोगों को सुविधा मिलेगी
- वाहनों का नहीं किया जा सकेगा व्यावसायिक उपयोग
- एक निश्चित किराए में ही लोगों को सुविधा मिलेगी

किसी को कार पूलिंग के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता है। इसके लिए लोगों को मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा। हमने कार पूलिंग की ड्राफ्ट पॉलिसी को केंद्र के पास भेज दिया गया है। अब आगे इस पर केंद्र ही कोई फैसला लेगा।
- डॉ. अजय सिंगला, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी, चंडीगढ़
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