अलसुबह नींद की झपकी आने से एक कार गुरुवार मधुबन आवर्धन नहर में गिर गई। इसमें पंचकूला के जंगबहादुर की मौत हो गई और चंडीगढ़ वासी कुश अपने आप ही नहर से सुरक्षित निकल गया।
मधुबन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार को बाहर निकलवाया और उसी में मृतक का शव फंसा हुआ था। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।
गुरुवार अलसुबह गुड़गांव से चंडीगढ़ जा रही कार नहर में गिर गई। इसमें पंचकूला स्थित सेक्टर-19 वासी जंगबहादुर (45) व चंडीगढ़ वासी कुश कुमार (35) सवार थे। कार नहर में गिरने का कारण चालक जंगबहादुर को नींद की झपकी बताई जा रही है। नहर के किनारे भी रेलिंग छोटी हैं और बेरिकेड्स भी नहीं थे।
इस कारण नहर में कार सहित इसमें जंगबहादुर और कुश गिर गए। ड्राइवर साइड की खिड़की टूटने से जंगबहादुर फंस गया और पानी के अंदर से कुश सुरक्षित निकल गया। पानी से निकलकर कुश ने शोर मचाया और वहां गश्त कर रही पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने गोताखोर और क्रेन के सहयोग से कार को बाहर निकाला। कार निकालने में ढाई से तीन घंटे लग गए। तब तक जंगबहादुर दम तोड़ चुका था।
चंडीगढ़ वासी कुश कुमार ने बताया कि वह अपने परिजनों को गुड़गांव छोड़कर आ रहा था। इसके लिए उसने इनोवा कार को चंडीगढ़ से किराये पर लिया। बीती देर रात को जब वह दिल्ली से वापस कार ड्राइवर और चंडीगढ़ वासी कुश आ रहे थे तो सुबह के तीन बजे अचानक आवर्धन नहर में असंतुलित होकर और ड्राइवर को झपकी लगने से यह हादसा हो गया।
नहरी विभाग द्वारा नहर पुल पर कुछ जगह ही छोटी सी रेलिंग लगाई गई है और आसपास जगह खाली है। इसके कारण कई बार पहले भी इसी तरह के कई हादसे हो चुके हैं।
कमलदीप राणा, प्रभारी, मधुबन थाना ने बताया कि कार नहर में गिरने की सूचना के तुरंत बाद वह मौके पर पहुंचे। ड्राइवर को झपकी लगने से शायद यह हादसा हुआ है। एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जो कार चला रहा था। मामले की जांच की जा रही है। किनारों की ऊंची रेलिंग और बेरिकेड्स लगवाने के लिए नहरी विभाग को भी लिखा जाएगा।