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कैप्टन ने कहा, सीमा पर तैनात सैनिकों को गोली चलाने की इजाजत दे केंद्र

Sun, 21 Jun 2020 01:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

  • पंजाब के सीएम ने केंद्र सरकार से अपनी नीति बदलने को कहा
  • आस्क कैप्टन में बोले, एक के बदले पांच सैनिक मारने की होनी चाहिए नीति
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captain amrinder singh - फोटो : ANI
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विस्तार
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गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के मुद्दे पर बुलाई सर्वदलीय मीटिंग में देश की सभी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों की तरफ से भारत सरकार को पूरा सहयोग देने की पेशकश के एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को केंद्र सरकार से अपनी नीति बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह सरहद पर तैनात सैनिकों को आत्मरक्षा और देश की हदों की सुरक्षा के लिए हथियार चलाने की इजाजत दें।

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अपने फेसबुक लाइव ‘कैप्टन से पूछो’ के सातवें एडिशन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों को हथियारों के बगैर भेजने की वह कतई हिमायत नहीं करते। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की यह नीति होनी चाहिए कि अगर वह हमारा एक सैनिक मारते हैं तो हम उनके पांच सैनिक मारें। उन्होंने कहा कि यह सरासर गलत है कि सैनिकों को बिना हथियारों से भेजा जाए और उनको अपनी रक्षा करने की भी इजाजत न दी जाए। उन्होंने कहा कि जब वह अपने सैनिक साथियों के साथ एलएसी पर दो साल के लिए तैनात थे, तो गश्त पर निकलते समय हर तरह के हथियारों के साथ लैस होते थे।

परमाणु युग में रह रहे हैं और डंडे लेकर लड़ने जा रहे हैं
मुख्यमंत्री ने चार पंजाबियों समेत 20 भारतीय सैनिकों के मारे जाने पर गहरा दु:ख और गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि हम परमाणु युग में रह रहे हैं और डंडों से पीटे जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक चीनियों की तरफ से पत्थरबाजी और लाठियों के साथ हमले में शहीद हुए। जिस पर इतना सहज यकीन नहीं किया जा सकता। गलवान घाटी में चार पंजाबी सैनिकों की शहादत पर शोक जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि हालांकि फौज के जवान होने के नाते हम गोली खाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों के वारिसों के मुआवजे को 12 लाख रुपये से बढ़ा कर 50 लाख रुपये करने के साथ-साथ सरकार ने शहीदों के नाम पर स्कूलों का नाम रखने का फैसला किया है। कैप्टन ने कहा कि वह अब तक दो शहीद सैनिकों के पारिवारिक सदस्यों के साथ बातचीत कर चुके हैं।

एसएफजे का पन्नू आतंकवाद को बढ़ावा देने में निरंतर सक्रिय
सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के वकील गुरपतवंत सिंह पन्नू के चीन को समर्थन देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह न सिर्फ भारत में अलगाववाद और आतंकवाद का प्रचार कर रहा है, बल्कि इसे प्रोत्साहित करने में सक्रियता से शामिल है। उन्होंने कहा कि वह पन्नू को उसके विघटनकारी एजेंडे में कामयाब नहीं होने देंगे और किसी भी कीमत पर राज्य की शांति भंग करने की इजाजत नहीं देंगे। कैप्टन ने खालिस्तानी समर्थक प्रचार करने वाले को इस नापाक मुहिम को फैलाने के लिए अन्य देशों में छिपने की बजाय पंजाब आने की चुनौती दी।

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