अटारी सरहद पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा अब पंजाब सरकार की मंजूरी के बाद ही फहराया जाएगा। जिले के डिप्टी कमिश्नर ने तिरंगे के बार-बार फटनेे से लेकर मामले में आरोप-प्रत्यारोप से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तैयार की है। साथ ही रिपोर्ट की फाइल राज्य सरकार के गृह विभाग को भेजा है। अब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की टेबल पर ही इस पर आखिरी फैसला होगा।
वहीं सूबे के निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को तय करना होगा कि नगर सुधार ट्रस्ट इस राष्ट्रीय ध्वज पर सालाना करीब 25 लाख रुपये खर्च करेगा या नहीं। सरकार को टेक्निकल रिपोर्ट भी लेनी होगी कि तिरंगे की लंबाई 120 के स्थान पर 72 फीट और चौड़ाई 80 के बजाय 48 फीट करने के बाद झंडा हवा के दबाव में फटेगा तो नहीं। लंबाई-चौड़ाई कम होने से तिरंगे की लागत करीब 65 हजार आएगी।
लाहौर से भी नजर आने वाले इस झंडे का करीब 55 हजार किलोग्राम भार वाला पोल इन दिनों सूना पड़ा है। वजह यह है कि करीब 6 बार फटने के बाद झंडे को पिछले दिनों नीचे उतार दिया गया था। ऐसे में अटरी बॉर्डर पर देश-दुनिया से रिट्रीट सेरेमनी देखने आने वाले सैलानियों को उत्सुकता के बावजूद देश के सबसे ऊंचे तिरंगे का दीदार नहीं हो पा रहा है।