मुख्यमंत्री ने कहा कि सरहदी इलाकों में लाहन के प्रयोग से अवैध शराब का धंधा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन पड़ोसी राज्यों से तस्करी के नए रुझान से अब यह स्थिति खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को अपराधियों से निपटते समय पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।
पीड़ितों को अतिरिक्त राहत देने की तैयारी
कैप्टन ने कहा कि पीड़ित बहुत गरीब परिवारों से संबंधित हैं। उन्होंने संबंधित डिप्टी कमिश्नरों और पुलिस अधिकारियों को पीड़ितों के परिवारों की पहचान करने और अतिरिक्त राहत मुहैया करवाने की प्रक्रिया के लिए दस दिन की समय-सीमा दी है। मुख्यमंत्री द्वारा इस दुखद घटना का शिकार हुए प्रति परिवार के लिए 2 लाख की एक्स-ग्रेशिया सहायता का एलान किया गया है। इस घटना में अब तक 113 व्यक्तियों ने जान गंवाई है और कई उपचाराधीन हैं, जिन्हें अस्पतालों में मुफ्त इलाज मुहैया करवाया जा रहा है।
तीनों जिलों के डीसी ने क्या कहा
कुलवंत सिंह डिप्टी कमिश्नर तरनतारन ने कहा कि उनके जिले में 84 मौतें रिपोर्ट हुई हैं और 13 व्यक्ति उपचाराधीन हैं। इन 13 में से 6 को आंखों के इलाज के लिए अमृतसर स्थानांतरित किया गया है जबकि एक की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री द्वारा मरने वाले व्यक्तियों के परिवारों के लिए घोषित 2 लाख एक्स-ग्रेशिया सहायता गुरुवार को मुहैया करवाई जाएगी।
गैर-सरकारी संस्थाओं सहित बाल कल्याण समिति को पीड़ित परिवारों के बच्चों की काउंसिलिंग के लिए लगाया गया है। इनमें वह दो बच्चे भी हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। रोजगार योग्य आयु वाले बच्चों को स्व-रोजगार के लिए सहायता दी जाएगी जबकि विधवाओं को गुजारे के लिए अन्य सहायता के अलावा सिलाई मशीनें दी जाएंगी। गुरप्रीत खैरा डिप्टी कमिश्नर अमृतसर ने बताया कि उनके जिले में 15 मौतें रिपोर्ट हुई हैं। परिवारों को बिना किसी देरी के राहत मुहैया करवाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद इशफाक ने बताया कि प्रभावित लोगों को राशन किटें मुहैया करवाई गई हैं। लोगों को उनके पास पड़ी अवैध शराब नष्ट करने और शराब की खपत के बारे में जागरूक करने की मुहिम चलाई गई है।
स्पिरिट के लिए कलर-कोडिंग का सुझाव
बॉर्डर रेंज के आईजी एसपीएस परमार ने बताया कि आबकारी एक्ट और आईपीसी की धारा 304 के अंतर्गत केस दर्ज किए गए हैं और अपराधियों की पहचान करने और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई शुरू करने के लिए सरहदी क्षेत्रों में साझे छापे मारने की मुहिम शुरू की जा चुकी है। शुरुआती तौर पर तरनतारन के पीड़ितों के परिवारों, जिन्होंने सबसे ज्यादा जानें गवाई हैं, द्वारा मौतों को छुपाया गया और पोस्टमॉर्टम के बिना ही संस्कार कर दिए गए। उन्होंने इथेनॉल और अन्य स्पिरिट के लिए कलर-कोडिंग चालू करने का सुझाव दिया, ताकि ऐसे पदार्थों की अवैध बिक्री/वितरण को रोका जा सके।