धान के खेतों में काम कर रहा फुटबॉल प्लेयर अमरजीत
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धान के खेतों में कीचड़ से सने हुए कपड़ों में एक लड़का अपने पिता की मदद कर रहा है। जिसका नाम अमरजीत क्याम है जोकि तीन साल पहले अंडर -17 विश्व कप में भारतीय फुटबॉल टीम की कप्तानी कर चुका है। वह इन दिनों अपने परिवार के पास मणिपुर के बाहरी इलाके के गांव में धान लगाकर खेती में पिता का हाथ बंटा रहा है।
बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले अमरजीत क्याम की मां गांव के बाहर मछली बेचकर परिवार का गुजारा चलाती हैं और इसके पिता गांव में खेतों में काम करते हैं। अमरजीत इंडियन सुपर लीग में जमश्ेदपुर एफसी की टीम से खेलते हैं। कोरोना महामारी के चलते इन दिनों खेल बंद है और अभ्यास भी नहीं हो रहा है। इसलिए अमरजीत क्याम इन दिनों अपने गांव में और खेतों में काम करते हुए परिवार की मदद कर रहे हैं।
परिवार की मदद करने में कोई शर्म नहीं
अमरजीत क्याम ने बताया कि धान के खेतों में अपने परिवार की मदद करने में कोई शर्म नहीं है। मेरा परिवार पीढ़ियों से खेती कर रहा है। मेरा ध्यान हमेशा से ही फुटबॉल की तरफ रहा है। वापस खेतों मे काम करते हुए मुझे खुशी मिल रही है। अमरजीत ने कहा कि आमतौर पर लंबे समय तक घर आना नहीं होता। आईसीएल का सीजन खत्म होने के बाद भी कुछ टूर में खेलना पड़ता है। अमरजीत ने कहा कि मेरे माता- पिता ने मेरे लिए काफी दिक्कतें झेली हैं अब मेरा फर्ज है की जब भी मुझे समय मिले खेतों में उनकी मदद करूं।
चंडीगढ़ में सीखी फुटबाल की एबीसीडी
अमरजीत क्याम जब 4 साल का था तो वह चंडीगढ़ में फुटबाल अकादमी के लिए ट्रायल देने आया था। ट्रायल के समय उसने स्थानीय कोच संदीप सिंह सैंडी को काफी प्रभावित किया और इसके बाद उसे अकादमी के लिए चयनित कर लिया गया। अकादमी में रहते हुए अमरजीत ने फुटबॉल की एबीसीडी सीखी और आगे चलकर अंडर 17 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का कप्तान बना। दो महीने पहले ही अमरजीत क्याम की मां बीमार थी और वह इलाज के लिए चंडीगढ़ परिवार सहित आया था। इस दौरान वह अपने कोच संदीप सिंह सैंडी से मिलने सेक्टर 46 स्टेडियम भी गया था।