धुरी उपचुनाव अखाड़ा बन गया है। चुनाव को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा में जबरदस्त ठनी हुई है। हुआ यूं कि धूरी उपचुनाव को लेकर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को अहम बैठक बुलाई गई। बैठक का कैप्टन अमरिंदर सिंह गुट ने बायकॉट किया।
हालांकि बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी डॉ. शकील अहमद भी पहुंचे थे। बावजूद इसके कैप्टन गुट के ज्यादातर विधायक मीटिंग में नदारद रहे।
प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा ने धूरी उप चुनाव की रणनीति तय करने को लेकर रविवार को बैठक का आयोजन किया था। इसमें प्रदेश कांग्रेस केसभी बड़े नेता, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों को बुलाया गया था।
कैप्टन नहीं आए तो कई विधायक नहीं आए
दिलचस्प बात यह है कि लोकसभा में पार्टी के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को न्योता नहीं दिया गया था। इसके चलते कैप्टन गुट ने बैठक का बायकॉट कर दिया। सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ भी मीटिंग में नहीं गए।
हालांकि कैप्टन कैंप का कहना था कि जाखड़ के पिता बीमार हैं, इसलिए वह बैठक में नहीं जा सके। बैठक में सिर्फ 9-10 विधायक पहुंचे। बैठक में उपस्थित होने वाले बड़े नेताओं में रजिंदर कौर भट्ठल, लाल सिंह व ब्रह्म मोहिंद्रा शामिल थे।
बाकी विधायकों में तृप्त रजिंदर बाजवा, गुरकीरत सिंह कोटली कैप्टन गुट के थे। बाजवा गुट का दावा था कि बैठक में करीब डेढ़ सौ नेता शामिल हुए। हालांकि कैप्टन गुट इसे फ्लॉप शो बता रहा है।
एक अप्रैल से प्रचार शुरू करेंगे बाजवा
बैठक में चुनाव का खाका तैयार कर प्रमुख जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। राणा गुरमीत सोढी के इंचार्ज पद छोड़ने के बाद अब विजय इंदर सिंगला ही चुनाव इंचार्ज होंगे। बाजवा 1-2 अप्रैल से धूरी में ही कैंप करेंगे। 11 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में पार्टी ने पूर्व सीएम सुरजीत सिंह बरनाला के पोते सिमर प्रताप को उम्मीदवार बनाया है।