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सिद्धू की ‘आवाज-ए-पंजाब’ को लेकर पहली बार खुलकर बोले कैप्टन

Sun, 04 Sep 2016 08:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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फायरब्रांड नेता की ‘आवाज-ए-पंजाब’ ने राजनीति में खलबली मचाई हुई है। कैप्टन अमरिंदर ने इसके बारे में खुलकर बातचीत की। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि यह लोकतंत्र है और हर किसी को चुनाव लड़ने तथा लोगों से वोट मांगने का पूरा अधिकार है। यह बढ़िया लोकतंत्र की निशानी है कि आपके पास बहुत सारे उम्मीदवार और दावेदार हैं।
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उन्होंने कहा कि पहले ही यहां बहुत सारी सियासी पार्टियां हैं और एक अन्य के बनने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मजबूत से मजबूत होती जा रही है और उसे समाज के हर वर्ग खासकर युवाओं का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस एकमात्र पार्टी है, जो सेक्यूलर लोकतांत्रिक है और उसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हैं। कोई भी पार्टी इसकी मजबूती व पहुंच का मुकाबला नहीं कर सकती।

इससे पहले जागो पंजाब मुहिम के वालंटियरों की मीट को संबोधित करते हुए कैप्टन ने उन्हें यही दौर बनाए रखने व उनको संतुष्टि से दूर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि कांग्रेस आज पंजाब में मजबूत स्थिति में है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको शांत होकर बैठ जाना चाहिए। आप हमारे सिपाही हो, जिस पर वह निर्भर करते हैं। इस अवसर पर अन्यों के अलावा युवा कांग्रेसी नेताओं में गोबिंद खटड़ा व विरेन्द्र ढिल्लों भी उपस्थित थे।
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बादल ने एसवाईएल फाइल पर हस्ताक्षर किए थे

पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर दोहराया है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 1978 में एसवाईएल के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण के लिए फाइल पर हस्ताक्षर किए थे। मुख्यमंत्री इससे इंकार कर झूठ बोल रहे हैं। वह ऐतिहासिक सबूतों व रिकॉर्डों के खिलाफ कुछ भी कह सकते हैं।

उन्होंने बादल से सवाल किया है कि क्यों वह श्री अकाल तख्त साहिब पर शपथ नहीं लेते हैं कि उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए थे ? कैप्टन ने बादल द्वारा इंकार किए जाने की निंदा की है कि उन्होंने प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने बादल को विशेष तौर पर स्पष्ट करें कि क्या उनके मित्र व हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवी लाल ने गर्व से हरियाणा विधानसभा में ऐलान नहीं किया था कि आपने फाइल पर हस्ताक्षर किए थे और यह सब रिकार्ड का हिस्सा है।

उन्होंने बादल से सवाल किया है कि क्यों उन्होंने अपनी पार्टी के महासचिव व श्री आनंदपुर साहिब से सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा के बयान को नहीं नकारा, जिन्होंने पुष्टि की थी कि आप ने एसवाईएल फाइल पर हस्ताक्षर किए थे और यह बादल की एक भोलेपन की गलती थी।
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