दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पंजाब दौरा
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दिल्ली में सेक्स स्केंडल की सीडी को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए अरविंद केजरीवाल को अब पंजाब में दो तगड़े झटके लगे। एक और तो आप औपचारिक तौर पर दो-फाड़ हो गई।
पार्टी के तेरह में से सात जोनल कोऑर्डिनेटरों ने आप से नाता तोड़ लिया और पूर्व सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर के साथ चले गए। वहीं, आप में शामिल होने की अटकलों के बीच नवजोत सिद्धू और परगट सिंह ने अलग मोर्चा बनाने का ऐलान कर दिया।
हमने हाईजैक की पार्टी, पंजाब में हम ही चलाएंगे आप
चंडीगढ़ में कोऑर्डिनेटरों की बैठक हुई, जिसमें खडूर साहिब के इकबाल सिंह भागोवालिया, आनंदपुर साहिब के जेएस धालीवाल, बठिंडा केनरिंदर पाल, जालंधर के एचएस चीमा, गुरदासपुर के अमनदीप सिंह गिल, फिरोजपुर के गुरप्रीत संधू और अमृतसर के नरिंदर बाजवा शामिल हुए। गुरप्रीत संधू को छोड़ कर बाकी छह पहले ही छोटेपुर के साथ जा चुके थे।
हाईकमान के सामने चार मांगें
AAP Fight
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बाद में प्रेस कांफ्रेंस में धालीवाल ने कहा कि उन्होंने हाईकमान के सामने चार मांगें रखीं थीं, जिनमें सुच्चा सिंह छोटेपुर को संयोजक पद पर बहाल करना, सारी दिल्ली टीम को वापस बुलाना, पुराने टिकटों का छोटेपुर की ओर से रिव्यू और नए टिकट छोटेपुर द्वारा वॉलंटियरों की सलाह से बांटना शामिल थीं।
एक सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया था, पर मांगें मानना तो दूर, उन्होंने बातचीत करना भी मुनासिब नहीं समझा। मांगें इसलिए रखी थीं कि दिल्ली की टीम पंजाब का बहुत नुकसान कर चुकी है, उसका डैमेज कंट्रोल किया जाए और आगे होने वाला नुकसान रोक ा जा सके। उन्हें लगा छोटेपुर अकेले हैं, निकाल दो, कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जैसे योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, दोनों सांसदों और जस्सी जसराज को निकाला था लेकिन छोटेपुर की जड़ें गहरी हैं और सात जोनल कोऑर्डिनेटर उनके साथ खड़े हैं।
अल्टीमेटम का समय खत्म होने के बाद अब पार्टी छोड़ने का फैसला किया गया है। अब पार्टी केजरीवाल नहीं, छोटेपुर हैं, वह जो फैसला लेंगे हम साथ हैं। उनसे अपील की गई है कि देर हो रही है, जल्द वॉलंटियरों से सलाह कर अगला कदम उठाएं। अब दिल्ली की टीम से कोई संबंध नहीं है, न ही आप का कोई कार्यक्रम लागू किया जाएगा। पंजाब में आप हमने हाईजैक कर ली है, हम ही चलाएंगे। जब तक नई पार्टी बनेगी, पहले की तरह जोनल कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम करते रहेंगे।
उस दौरान छोटेपुर पंजाब का दौरा करेंगे। दस दिनों में पार्टी पर स्थिति साफ कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की टीम को वहम था कि पैसे लेकर किसी को भी खड़ा कर दो, जीत जाएगा। अब दिल्ली वाले गांवों में घुस कर दिखाएं। 90 प्रतिशत वॉलंटियर हमारे साथ हैं, जो वोटर जुड़ा है, वह भी हमारे साथ आ जाएगा, हम पूरे दम से चुनाव लड़ेंगे।
‘हमारे साथ आ जाएं सिद्धू’
Sucha Singh Chhotepur
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नवजोत सिद्धू और परगट सिंह को धालीवाल ने उनकी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। नवजोत और परगट की नई पार्टी से तालमेल पर धालीवाल ने कहा कि वे चाहें तो हमारे साथ आ सकते हैं, हम बड़ी ताकत हैं।
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आप में हैं स्वार्थी कोऑर्डिनेटर
जेएस धालीवाल ने कहा कि पार्टी के दबाव और प्रलोभन के चलते कुछ जोनल कोऑर्डिनेटर उनके साथ नहीं आए। संगरूर के जस्सी सेखों को टिकट मिल गया है, पटियाला के डॉ. बलबीर सिंह को उम्मीद है। फरीदकोट और होशियारपुर के कोऑर्डिनेटरों को भी कुछ मिलने की आस है। अब अरविंद केजरीवाल पर उंगली उठनी शुरू हो गई है। कल तक वॉलंटियर उनके नारे लगाते थे, आज पुतले फूंक रहे हैं।
ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह किया बर्ताव
जालंधर के प्रेसवार्ता करते आप के कनवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर व अन्य।
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अमृतसर के जोनल कोऑडिनेटर गुरिंदर बाजवा ने कहा कि दिल्ली टीम ने ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह बर्ताव किया है। पंजाब के वॉलंटियर अपनी क्षमता मुताबिक चंदा देते थे, ये सारा पैसा दिल्ली ले जाते थे। कई शिकायतें हैं, जिनका खुलासा आगे करेंगे। दिल्ली की टीम आई तो बोले, एसी और बढ़िया फर्नीचर चाहिए, लेकिन कोई पैसा नहीं दिया गया।
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अमृतसर में बिके टिकट
गुरिंदर बाजवा ने कहा कि पार्टी के हर कार्यक्रम को सफल बनाया। जब टिकटों की बारी आई तो वॉलंटियरों को नजरअंदाज किया, पैसे लेकर पैराशूट कैंडिडेट उतारे। अमृतसर में दो टिकट बिके, तीसरे व्यक्ति को अटारी से टिकट दिया गया, उसे किसी ने देखा ही नहीं। उम्मीदवार तय करने का सारा सिस्टम बोगस है।
दिल्ली वाले ग्राहक ढूंढते हैं, मिल जाता है तो नामांकन मांगते हैं। अगर ऐसा नहीं है तो स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग के मिनट्स सार्वजनिक किए जाएं। नेशनल काउंसिल मेंबर अशोक तलवार ने अमृतसर में एक वॉलंटियर से कहा कि पचास फीसदी टिकट बिकेंगे। इसकी शिकायत पर चंडीगढ़ में मीटिंग हुई, वॉलंटियर ने संजय सिंह के सामने यह दोहराया। संजय ने दुर्गेश से कहा कि अशोक को निकालो, लेकिन आज तक नहीं निकाला। इसका मतलब शुरू से ही टिकट बेचने की प्लानिंग थी। एनआरआई से अपील करेंगे कि इन्हें पैसे देना बंद करें।