लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के दावों पर सवाल उठाया है।
सुखबीर ने दावा किया था कि स्विस अथॉरिटी जल्द ही कैप्टन और उनके परिजनों के बैंक खातों की जानकारी भारत सरकार को देगी।
जवाबी हमला बोलते हुए कैप्टन ने केंद्र सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है कि केंद्र सरकार का हिस्सा न होकर भी सुखबीर ऐसे दावे कैसे कर सकते हैं। या फिर उन्हें प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री से ऊपर कोई संवैधानिक भूमिका मिल गई है। सुखबीर ने किसी भी आधार या सुबूत के बगैर यह बयान दिया है।
जो साबित करता है कि केंद्र की भाजपा सरकार एक आधारहीन मुद्दा उठा कर पंजाब में परेशानी में घिरी अपनी साझीदार की सहायता करने की कोशिश कर रही है। सुखबीर ने खुद ही साबित कर दिया है कि उन्हें बदनाम करने के लिए अकालियों व भाजपा में खिचड़ी पक रही है।
अगर ऐसा कुछ हो भी रहा हो तो पंजाब के डिप्टी सीएम कैसे जान सकते हैं कि दो देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर क्या चल रहा है। साफ तौर पर सारा खेल उनकी छवि खराब करने को खेला गया है। वह भी तब, जब कांग्रेस पंजाब में एक मजबूत ताकत बन रही है। कैप्टन ने सुखबीर को यह खुलासा करने के लिए धन्यवाद दिया कि केंद्र की भाजपा सरकार अकालियों के साथ मिलकर उन्हें बदनाम करने की साजिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि सुखबीर का साजिश का खुलासा करना सिर्फ एक शुरूआत है। जल्द ही दोनों का भंडाफोड़ हो जाएगा, जब इनके आरोप पूरी तरह गलत साबित होंगे। क्योंकि उनका या उनके परिजनों का कोई विदेशी खाता नहीं है।